संकल्प से सिद्धि के आठ साल

नई दिल्ली:जीवन में जब हम बड़े लक्ष्यों की तरफ आगे बढ़ते हैं, तो कई बार ये देखना भी जरूरी होता है कि हम चले कहां से थे, शुरुआत कहां से की थी। और जब उसको याद करते हैं, तभी तो हिसाब-किताब का पता चलता है कि कहां से निकले और कहां पहुंचे, हमारी गति कैसी … Read more

ना शिकवा ना शिकायत

क्या है आज ये सब कुछ,       कुछ नया है कुछ बदला सा, कुबूल है दिया हर तोहफा तेरा,      तू दे दे मुझे जो है तेरी मनसा। हमने देखा है जिंदगी का हर बदला स्वरूप,     हर पल बदलते देखा है लम्हा कुछ, बदल गया है मानो सारा जहां,   … Read more

सिलचर (असम) की वर्तमान परिस्थिति बाढ़ पर ।

बाढ़__ छाया अब तो  खौफ बाढ़ का, चारों ओर । चिंता में  अब  रात बीतती ,   डर में  भोर ।। डूब  गए  हैं  गांव  न  जाने,   कितनी  दूर । कैसे  हो  भरपाई  सबकी ,   इसकी  पूर ।। बिखर गया है घर तो अब है, टुकड़े  चार । नहीं दिख  रहा दूर-दूर तक, घर का  द्वार … Read more

आज की रात

आज कुछ ऐसी रात अनोखी,   ना दिल लागे, ना मन लागे, समय की मांग हो गई हुई छोटी,      काटे नहीं कटता यह पल मानो। बिताते थे दिन वो इंतजार में,      कहते थे हम यूं हो जाए गोधूलि, बिताएंगे हम शाम कुछ नया अनोखा। मगर इस निशा के अंधेरे में,   … Read more

*देहरी, आंगन, धूप नदारद।*   *ताल, तलैया, कूप नदारद।*   *घूँघट वाला रूप नदारद।*   *डलिया,चलनी,सूप नदारद।* 

  *देहरी, आंगन, धूप नदारद।*   *ताल, तलैया, कूप नदारद।*   *घूँघट वाला रूप नदारद।*   *डलिया,चलनी,सूप नदारद।*    आया दौर फ्लैट कल्चर का, देहरी, आंगन, धूप नदारद। हर छत पर पानी की टंकी, ताल, तलैया, कूप नदारद।। लाज-शरम चंपत आंखों से, घूँघट वाला रूप नदारद। पैकिंग वाले चावल, दालें, डलिया,चलनी, सूप नदारद।। ?? बढ़ीं गाड़ियां, जगह कम … Read more

हिन्दी से दूर जाती कांग्रेस -आर.के. सिन्हा

देश के आठ पूर्वोतर राज्यों के सभी स्कूलों के दसवीं कक्षा तक में पढ़ने वाले बच्चों को हिन्दी अनिवार्य रूप से पढ़ाने पर वहां की राज्य सरकारें राजी हो गईं हैं। २२ हजार हिन्दी अध्यापकों की भर्ती की जा रही है तथा नौ आदिवासी जातियों ने अपनी बोलियों की लिपि देवनागरी को स्वीकार कर लिया … Read more

सतुआन अर्थात सतुआ संक्रांति का महत्व

भारत में संक्रांति का पर्व बड़े ही उल्लास के साथ मनाया जाता है. किसी भी माह की सूर्य संक्रांति के दिन किया गया दान अन्य शुभ दिनों की तुलना में दस गुना पुण्य देता है. इसी श्रृंखला में आती है वैशाख माह की संक्रांति. इस वर्ष वैशाख संक्रांति के समय सूर्य, 14 अप्रैल, 2022, प्रात:काल … Read more

महिलाओं की बल्ले-बल्ले, सरकार दे रही 40 हजार रुपये महीना से ज्यादा पेंशन

नई दिल्लीः कोरोना वायरस संक्रमण काल के बाद पैसा कमाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। संक्रमण में लॉकडाउन लागू होने से आम लोगों से लेकर उद्योग जगत तक को भारी आर्थिक नुकसान भुगतना पड़ा है, जिसे पूरा करने को हर कोई ेएड़ी से चोटी तक जोर लगा रहा है। ऐसी स्थिति में केंद्र व … Read more

दिवस मनाने से नहीं मातृभाषा का उपयोग करने से होगी मातृभाषा की रक्षा- शशिकांत चौथाईवाले

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा सुरक्षा दिवस पर विशेष दिवस मनाने से नहीं मातृभाषा का उपयोग करने से होगी मातृभाषा की रक्षा- शशिकांत चौथाईवाले प्रति वर्ष विश्व में २१ फरवरी यह अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा सुरक्षा दिन के रूप में पालन किया जाता है. विश्व के साथ भारत में भी बहुत उत्साह से विविध कार्यक्रमोंका आयोजन होता है. सभा समितियों … Read more

वर्ष 2021 : असम में नए राजनीतिक युग का आगाज़

वर्ष 2021 : असम में नए राजनीतिक युग का आगाज़ गुवाहाटी, 31 दिसंबर (श्रीप्रकाश)। वैसे तो बीते वर्ष 2021 को कोरोना महामारी की चपेट में छटपटाता हुआ वर्ष कहा जा सकता है। लेकिन, इस वर्ष का सकारात्मक पहलू असम के परिपेक्ष में कुछ अलग है। यहां इस वर्ष एक नए राजनीतिक युग का आगाज हुआ … Read more