वाह! पनघट। 

 वाह! पनघट।   हां  पनघट सखियों की जमघट मन की बातें करती जहाँ समस्या सुलझाती कमर पर गगरी ना होती शहरी वसंत मे कू कोयल की और छम- छम  गूंज पायल की गगरी छल – छल छलकती बलखाती, संभलती पगडंडी पर चलती सरकती दुपट्टा संभालती शीर्ष पतियों से लालिमा विदा लेती इधर सखियाँ घर लौटती अब … Read more

छत्रपति शिवाजी

19 फरवरी/जन्मदिवस छत्रपति शिवाजी शिवाजी महाराज का जन्म 19 फ़रवरी 1630 में शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। इनके पिता का नाम शाहजी भोसलें और माता का नाम जीजाबाई था। शिवनेरी दुर्ग पुणे के पास है। उनकी माता ने उनका नाम भगवान शिवाय के नाम पर शिवाजी रखा। शिवाजी महाराज का विवाह 14 मई 1640 में … Read more

सतत् चाय भविष्य के लिए साझेदारी

सतत् चाय भविष्य के लिए साझेदारी चाय उद्योग केवल एक कृषि गतिविधि नहीं है — यह लाखों श्रमिकों की आजीविका का आधार है, विशाल हरित क्षेत्र का संरक्षक है, तथा असम और भारत की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता है। हम इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को सशक्त और सतत् बनाए रखने हेतु आपका सहयोग चाहते हैं। 1. … Read more

सह्याद्रि का शेर वासुदेव बलवंत फड़के

17 फरवरी/बलिदान-दिवस सह्याद्रि का शेर वासुदेव बलवंत फड़के बात 1870 की है। एक युवक तेजी से अपने गाँव की ओर भागा जा रहा था। उसके मुँह से माँ-माँ….शब्द निकल रहे थे; पर दुर्भाग्य कि उसे माँ के दर्शन नहीं हो सके। उसका मन रो उठा। लानत है ऐसी नौकरी पर, जो उसे अपनी माँ के … Read more

झारखण्ड में बढ़ती सड़क दुर्घटनाएँ:-विकास की रफ्तार या मौत का हाईवे ?-विजय शंकर नायक, वरिष्ठ कांग्रेस नेता ,झारखण्ड

झारखण्ड में बढ़ती सड़क दुर्घटनाएँ:-विकास की रफ्तार या मौत का हाईवे ?-विजय शंकर नायक, वरिष्ठ कांग्रेस नेता ,झारखण्ड अनिल मिश्र/रांची झारखंड प्रदेश जिसे भारत का उभरता औद्योगिक और खनिज प्रमुख राज्य कहा जाता है, आज अपने तेज़ विकास के साथ एक भयावह दुर्घटना-सत्य से भी जूझ रहा है — सड़क दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि और … Read more

“महाशिवरात्रि – एक उत्सव ही नहीं चेतना का जागरण है”

“महाशिवरात्रि – एक उत्सव ही नहीं चेतना का जागरण है” जब पूरी सृष्टि शिवत्व में डूब जाती है एक साधक जागता है, और उसका अहंकार सो जाता है। शिव सूत्र में नारद महर्षि कहते है  “प्रेम में अहंकार विलीन हो जाता है।” शिवरात्रि हर महीने आती है। कृष्ण पक्ष चतुर्दशी का दिन मासिक शिवरात्रि के … Read more

परावर्तन के योद्धा राजेश्वर जी 

परावर्तन के योद्धा राजेश्वर जी  भारतवर्ष के सभी मुसलमानों व ईसाइयों के पूर्वज हिन्दू हैं। उन्हें अपने पूर्वजों के पवित्र धर्म में वापस लाने के महान कार्य को अपने जीवन का लक्ष्य बनाने वाले श्री राजेश्वर जी का जन्म 16 फरवरी, 1916 को दिल्ली में श्री भगवानदास जी के घर में हुआ था। वे कक्षा … Read more

संघ के प्रचारक इतिहास पुरुष ठाकुर रामसिंह

संघ के प्रचारक इतिहास पुरुष ठाकुर रामसिंह ऐसा कहा जाता है कि शस्त्र या विष से तो एक-दो लोगों की ही हत्या की जा सकती है; पर यदि किसी देश के इतिहास को बिगाड़ दिया जाये, तो लगातार कई पीढ़ियाँ नष्ट हो जाती हैं। हमारे इतिहास के साथ दुर्भाग्य से ऐसा ही हुआ। रा.स्व.संघ के … Read more

कर्म और भक्ति से बदलता है भाग्य

कर्म और भक्ति से बदलता है भाग्य कथा बहुत प्राचीन है। एक गृहस्थ किसान एक सिद्धि प्राप्त ऋषि से मानव की ललाट पर विधाता द्वारा लिखी भाग्य को पढ़ने की विधा सीखी। ऋषि मुनि ने यह विधा सिखाने के साथ- साथ यह भी बताया  कि विधाता द्वारा लिखी भाग्य किसी भी सुरत मे नही बदलता … Read more