आज़ादी के अमृत काल का अविस्मरणीय मोती !!!

1986 में दिसंबर के महीने में ऋषिकेश में एक खाई से एक अनाथ शव मिला जो पूरी तरह सड़ चुका था काफी पता करने पर पता चला कि वो एक महान देश भक्त बीनादास है,जो कलकत्ता विश्वविद्यालय की छात्रा थी ये वही बिनादास थी जिन्होंने बंगाल के गवर्नर जैक्सन पर गोली चलाई थी जो बहुत … Read more

राम नाम लिखे बेलपत्र चढ़ाने से खुश होते महादेव

राम नाम लिखे बेलपत्र के चढ़ाने से महादेव खुश होते हैं. किसी पूजन सामग्री के कम पड़ जाने के बावजूद शिव की सच्चे मन से की जाने वाली मानस पूजा भी भाती है. शास्त्रों के अनुसार देवी पार्वती घोर तप के बाद शिव की अद्र्धागिनी बनीं. सबसे पहले महादेव को राम नाम लिखकर बेलपत्र उन्होंने … Read more

आग लगी अकाश में झर-झर झरत अंगार….(८)

प्रिय मित्रों ! धृतराष्ट्र की चाल चरित्र और चेहरे के पीछे छुपे शैतानी दिमाग को पढने में पांडवों की केवल दो पीढियाँ लगी थीं किन्तु -अकबर नामा” को समझने में अर्थात इस्लाम की हकीकत को समझने में हिन्दुओं को अभी और कितनी पीढियाँ लगेंगी ये कहना असम्भव सा दिखता है। ये इनका चरित्र है कि … Read more

कहां राजा भोज- कहां गंगू तेली यह कहावत क्यों बनी ?

बचपन से लेकर आज तक हजारों बार इस कहावत को सुना था कि “कहां राजा भोज- कहां गंगू तेली” आमतौर पर यह ही  पढ़ाया और बताया जाता था कि इस कहावत का अर्थ अमीर और गरीब के बीच तुलना करने के लिए है, पर भोपाल जाकर पता चला कि कहावत का दूर-दूर तक अमीरी- गरीबी … Read more

ज्ञानवापी मंदिर के बारे मे विस्तृत जानकारी…

पुराणों के अनुसार, ज्ञानवापी की उत्पत्ति तब हुई थी जब धरती पर गंगा नहीं थी और इंसान पानी के लिए बूंद-बूंद तरसता था तब भगवान शिव ने स्वयं अपने अभिषेक के लिए त्रिशूल चलाकर जल निकाला..यही पर भगवान शिव ने माता पार्वती को ज्ञान दिया। इसीलिए, इसका नाम ज्ञानवापी पड़ा और जहां से जल निकला … Read more

आग लगी अकाश में झर-झर झरत अंगार….(७)

सम्माननीय मित्रों ! हरियाणा में सुनियोजित रूप से भडकायी हुयी हिंसा के संदर्भ में मैं पहले से ही लिखता आया हूँ ! सन् २०२४ केन्द्रीय चुनाव के पूर्व देश का कोई भी भाग भयानक दंगों की आग से झुलसने से बचेगा इसमें मुझे संदेह है ! इन दंगों के पीछे कम्यूनिस्ट विचारधारा का नकाब पहनकर-“I.N.D.I.A.” … Read more

गीता के ऊपर कविता

मैं “ गीता “समझ रहा हूँ – हरेंद्र नाथ श्रीवास्तव मैं “ गीता “समझ रहा हूँ जो अर्थ निकालेंगे मैं उनसे कह रहा हूँ जाने जीने का मतलब मैं गीता समझ रहा हूँ जब धर्म की हानि होगी तो ईश्वर को आना होगा धरती पर विपदा भारी तो ईश्वर को आना होगा जो सुनता आया … Read more

नाजायज औलाद नहीं मां बाप होते हैं

रिश्ते धुंधले अथवा पवित्र होते हैं निभाना उचित वरना बोझ होते हैं लोग कहते हैं नाजायज औलाद  औलाद नहीं मां बाप होते हैं कब तक रिश्तों की आङ में पाप पुण्य का दोगे हिसाब जब तक ना हो बेनकाब रिश्ते तो रिश्ते ही होते हैं रिश्तों की समीक्षा कब हुई जब तार तार इंसानियत हुईं … Read more

प्रकांड विद्वान, महान संत जगदगुरू रामभद्राचार्य जी महाराज, एक अद्भुत व्यक्तित्व

महाराज जी का यह छायाचित्र सन – 1983 का है ये हैं “सनातन धर्म” के रक्षक ‘जगतगुरु स्वामी  रामभद्राचार्य महाराज’ जी! “एक बालक जिसने 3 साल की उम्र में अपनी पहली कविता लिख दी। एक बालक जिसने 5 साल की उम्र में पूरी श्रीमदभगवत गीता के 700 श्लोक विद चैप्टर और श्लोक नंबर के साथ … Read more

आज तो रूला देगी ये पोस्ट

एक कवि नदी के किनारे खड़ा था ! तभी वहाँ से एक लड़की का शव नदी में तैरता हुआ जा रहा था। तो तभी कवि ने उस शव से पूछा —-     कौन हो तुम ओ सुकुमारी, बह रही नदियां के जल में ?     कोई तो होगा तेरा अपना, मानव निर्मित इस … Read more