कच्चा तेल 91 डॉलर प्रति बैरल के करीब, पेट्रोल-डीजल की कीमत स्थिर

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (हि.स.)। इजरायल-हमास युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में उतार-चढ़ाव जारी है। ब्रेंट क्रूड का भाव 91 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 88 डॉलर प्रति बैरल के करीब है। हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस विपणन कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं … Read more

अंत:शुद्धि का महापर्व है नवरात्रि

नवरात्रि हिन्दू धर्म के लोगो द्वारा मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह त्योहार असत्य पर सत्य की जीत को दर्शाता है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि साल में दो बार मनाया जाता है। हिंदी महीनों के मुताबिक पहला नवरात्रि चैत्र महीने में मनाया जाता है और दूसरी बार अश्विन महीने में मनाया जाता … Read more

नवरात्रा द्वितीय दिवस माँ ब्रह्मचारिणी

पावन दिवस नवरात्रा में माँ तेरा अभिनंदन द्वितीय दिवस ब्रह्मचारिणी माँ देवी को वंदन , बायें हाथ सोहे कमण्डल सोहे दाँये में माला, जगततारिणी जगदंबा,रूप ब्रह्मचारिणी निराला , थी पिछले जन्म देवी सती बेटी राजा दक्ष की पति के सम्मान ख़ातिर ,सती ने जान वार दी , पाया जो गुरु नारद मुनि के उपदेश का … Read more

मुस्लिम यूनियनबाजी को आईना देखने की जरूरत है आचार्य विष्णु हरि

दुनिया में 60 मुस्लिम देश हैं, इसके अलावा भारत, अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे कई गैर मुस्लिम देशों की राजनीति, कूटनीति को मुस्लिम आबादी सीधे तौर पर प्रभावित करती है, अपनी मजहबी मानसिकता को संतुष्ट करने के लिए किसी हद तक जाती है, हिंसा और आतंकवाद जैसी प्रक्रियाओं को सीधे या फिर अप्रत्यक्ष तौर पर … Read more

शारदीय नवरात्रि आज से, घटस्थापना के साथ विराजेंगी मां आदिशक्ति

मां आदिशक्ति को समर्पित नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि का पर्व आज (रविवार) से शुरू हो रहा है। देशभर के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी शुभ मुहूर्त में घटस्थापना के साथ मां आदिशक्ति की प्रतिमाएं विराजित की जाएंगी। सुबह से ही श्रद्धालु माता की भक्ति में लीन दिखे। मंदिरों में खास साज-सज्जा की गई है। इस … Read more

” युग के श्रेष्ठतम आदर्शों की प्रतिमूर्ति महाराजा अग्रसेन ” सन्दीप अग्रवाल

महाराजा अग्रसेन एक महान युगविभूति एवं युगद्रष्टा थे ,  उनका आविर्भाव ( जन्म ) लगभग 5146 वर्ष पूर्व महाभारत के उस अंतिम काल मे हुआ , जब भाई भाई सुईं की नोंक जितनी जमीन के लिये आपस में लड़ रहे थे | चारों ओर रक्तपात , हिंसा , स्वार्थ का बोलबाला था | प्रेम , … Read more

जिस लेखनी की स्याही सूख गयी वह समाज भी सूख जाता है ! आनंद शास्त्री

मित्रों ! जैसे कभी चीन ने तिब्बत को अपना बनाया साथ ही तिब्बती संस्कृति को बेगाना बना दिया ! तिब्बतियोंको चायनीज ही पढनी होगी ! ऐसे कानून गढ दिये ! परिणामतः धीरे-धीरे तिब्बती संस्कृति मर रही है ! ये वही चीन था जो पहले तिब्बती संस्कृति को चीन की प्राचीन विरासत कहता था ! बिलकुल … Read more