बात नाजायज थी….

बात नाजायज  थी, जमी नहीं हमको, सौगात उनकी मोड़ दी ठाकुर सिक्कों में तोलते हैं ,जज्बात उनकी रियासत में , दुनिया ये उनकी हमने छोड़ दी ठाकुर कहानी दिलकश थी उनकी ,बुनियाद मगर झूठ पर टिकी, ना दिल में बसी, ना जहन में छपी बेशक दलीलें उन्होंने करोड़ दी ठाकुर दुश्वारियां ,मुसीबतें, तकलीफें सबसे पार … Read more

जानिए देवोत्थान एकादशी का महत्व, तुलसी जो राक्षस की पत्नी से भगवान विष्णु की पत्नी बनी तक की कहानी —- डॉ.बी.के. मल्लिक

देवोत्थान एकादशी का पर्व बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है। इस दिन सभी लोग अपने घरों में ईख की झोपड़ी बनाकर उसमें तुलसी की पूजा करते हैं। देवउठनी ग्यारस को देवोत्थान एकादशी, देवउठनी एकादशी और प्रबोधिनी एकादशी के नामों से भी जाना जाता है। कहते हैं इस दिन भगवान विष्णु लंबी निद्रा से … Read more

भारत को विश्व गुरु बनाने पर फोकस अधिवेशन — अवधेश कुमार

हमारे देश का स्वभाव ऐसा हो गया है कि बहुत बड़े , प्रभावी और भविष्य के लिए दिशा देने की संभावनाओं वाले कार्यक्रमों में भी राजनीति का अंश नहीं हो तो इसकी व्यापक चर्चा नहीं होती। राजधानी दिल्ली में 7 दिसंबर से 10 दिसंबर तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन इसी श्रेणी का … Read more

“कार्य पुरुषकारेण लक्ष्यं सम्पद्यते”—— आनंद शास्त्री

सम्माननीय मित्रों ! स्मृति कहती है कि निश्चय कर लेने पर कार्य अवस्य ही पूर्ण होता है ! मैं जानता हूँ कि-“हिन्दी हिन्दू और हिन्दुस्थान” की भावना सामान्य जनमानस में जगाना और वो भी हम हिन्दुओं में ! असम में जगाना कठिन है किन्तु उस कार्य में भला क्या आनंद जो सरलता से सम्पन्न हो … Read more

अयोध्या में इन स्थानों पर भी हुए मुगल आक्रमण

अयोध्या, 21 नवंबर (हि.स.)। अयोध्या में श्रीराम जन्म स्थान के अलावा अन्य मंदिरों पर भी मुगल आक्रमण हुए हैं। जिनमें कुछ प्रमुख मंदिरों की हम चर्चा करेंगे। श्रीराम जन्मभूमि के दक्षिण तरफ थोड़ी दूर पर सुमित्रा भवन नामक स्थान है। यहीं पर लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ था। हिजरी सन् 724 में इस स्थान … Read more

#AajKaDin : मंगलवार, 21 नवम्बर 2023, तिथि को लेकर भ्रमित नहीं हों, विवेक से निर्णय करें..

प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी (व्हाट्सएप- 8875863494) * तिथि को लेकर अक्सर लोग परेशान हो जाते हैं क्योंकि एक तो तिथि शुरू होने और समाप्त होने का कोई निश्चित समय नहीं होता है तो दूसरा तिथियों में कमी-बढ़ोतरी होती रहती हैं. कौन सी तिथि मानी जाए, खासकर व्रत-त्योहार को लेकर, इस पर मतैक्य नहीं रहता है! * देश … Read more