पतलू के जवाब पर पंचायत नतमस्तक ( हास्य व्यंग्य)
गावों की संस्कृति से रुबरु कराते हुए मुझे दूर बैठे अपने ग्राम के दर्शन करने एवं स्वयं की उपस्थिति समझकर साहित्य की लकीर से हटकर ऐसे शब्दों का प्रयोग भी आप सबके लिए इसलिए कर रहा हूँ कि आप सभी को आनंद मिले भले ही संकोची पाठक प्रतिक्रिया ना दे। जब हम बङे … Read more