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समान नागरिक संहिता प्रगतिशील और न्यायपूर्ण समाज की दिशा का बड़ा कदम है अवधेश कुमार
उत्तराखंड सरकार द्वारा कॉमन सिविल कोड या समान नागरिक संहिता विधेयक पारित करना कायदे से ऐतिहासिक घटना मानी जानी चाहिए। गोवा में समान नागरिक संहिता की पृष्ठभूमि तथा प्रकृति अलग है। संविधान की स्वीकृति के समय से राष्ट्रीय स्तर पर जिस समान नागरिक संहिता की मांग की जा रही थी उस दिशा में कदम बढ़ाने … Read more
भूस के पुतले
धरती पुत्र आंदोलन कर रहे हैं बेरोज़गार आंदोलन कर रहे हैं हर तरफ संघर्ष है जिसे तुम कहते हो जीवन जीवन, जीवन नहीं है यहां हर तरफ मुखौटाधारी मौजूद हैं अपने वजूद के लिए दूसरे के वजूद को खत्म करने पर तुले हैं अपने स्वर्णिम कल के लिए हर तरफ लालच और स्वार्थ की नदियां … Read more
मारीशस के डोडो पक्षी की तरह कहीं किताबों में ही नहीं रह जाए हमारा राष्ट्रीय पक्षी मोर ! — सुनील कुमार महला
भारतीय समाज और संस्कृति में मोर या मयूर एक अलग ही स्थान रखने वाला पक्षी है। जानकारी देना चाहूंगा कि 26 जनवरी सन 1963 में मोर को भारत के राष्ट्रीय पक्षी का दर्जा दिया गया था। यह बहुत ही चिंताजनक है कि आज इस राष्ट्रीय पक्षी के अस्तित्व पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। कभी … Read more
राष्ट्र चिंतन *तालिबानी हिंसा से कैसे बचेगी देवभूमि ? सभ्य देश में हलद्वानी जैसी हिंसा है अस्वीकार्य — आचार्य विष्णु हरि सरस्वती
हलद्वानी हिंसा के संदेश बहुत ही डरावने हैं, अमानवीय है, विखंडनकारी है, संविधान और कानून के शासन के लिए प्रतिकूल है, सामानंतर सरकार के प्रतीक है, गुडागर्दी के प्रतीक है, चोरी और सीनाजारी की कहानी कहती है, तालिबानी हिंसा की कॉपी लगती है, तालिबानी हिंसा की आहट सुनाई … Read more
जानिए वसंत पंचमी को सरस्वती पूजा क्यों होती है – डॉ. बी. के. मल्लिक
हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है और इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ ज्ञान की देवी मां सरस्वती का पूजन किया जाता है । हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल बसंत पंचमी का त्योहार 14 फरवरी 2024 को मनाया जाएगा । कई … Read more
बच्चों को अंतर समझाइए!!
पहले बच्चों को सूजी, मैदा और आटे में भेद करना सिखाइये । पहले बच्चों को मूंग, मसूर, उडद, चना और अरहर पहचानना सिखाइये । पहले बच्चों को मख्खन, घी, पनीर, चीज़ के बीच अंतर और उन्हें बनाने की जानकारी सिखाइये । पहले बच्चों को सोंठ और अदरक, अंगूर और किशमिश, खजूर और छुहारे के बीच … Read more
राम लला हम आयेंगे मन्दिर वहीं बनायेंगे-(1) — आनंद शास्त्री
सम्माननीय मित्रों ! शताब्दियों से चली आ रही मुस्लिम आक्रांताओं द्वारा दिये गये हमारी सांस्कृतिक अस्मिता पर लगे घावों के प्रथम चिन्ह को अंततः हमारे यशस्वी प्रधानमन्त्री श्रीमान नरेन्द्र दामोदर दास मोदी जी के भगीरथी प्रयास से मिटाने की वो घडी आ गयी जिसकी प्रतिक्षा में हमारे आपके पूर्वजों ने न जाने कितनी बार अपना … Read more
चाय उद्योग की सुनो पुकार-वरना होगा बंटाधार-(2) — आनंद शास्त्री
सम्माननीय मित्रों ! आप सभी को स्मरण दिला दूं कि सन् 1951 में चाय उद्योग के हितार्थ असमिया सरकार ने-“चालिहा कमेटी” का गठन किया था धीरे-धीरे उसके सुझावों पर सरकार ने ध्यान भी दिया ! किन्तु इस बिन्दु पर यह भी उल्लेखनीय है कि ब्रम्हपूत्र बेली की अपेक्षा बराक उपत्यका के चायबागानों की समस्याओं पर कम … Read more