धम्मपद यमकवग्गो~ सूत्र-२० अंक~२० — आनंद शास्त्री
प्निय मित्रों ! नित्यसत्यचित्त बुद्धमुक्त पदऽस्थित तथागत महात्मा बुद्ध द्वारा उपदेशित #धम्मपद के भावानुवाद अंतर्गत स्वकृत बाल प्रबोधिनी में यमकवग्गो के 20 वें पद्द का पुष्पानुवाद उनके ही श्री चरणों में निवेदित कर रहा हूँ— “अप्पं पि।चे सहितं।भासमानो।धम्मस्य होति अनुधम्मचारी। रागं च दोसं च पहाय मोहं सम्मप्पजानो सुविमुत्त चित्तो। अनुपादियानो इधवा हुरं वा स भागवा सामञ्ञस … Read more