2 सितम्बर/पुण्य-तिथि चित्र मढ़ते हुए प्रचारक बने मथुरादत्त पांडेय

श्री मथुरादत्त पांडेय का जन्म ग्राम विजयपुर पाटिया (अल्मोड़ा, उत्तराखंड)  में श्री धर्मानन्द पांडेय के घर में हुआ था। मथुरादत्त जी छह भाई-बहिन थे। प्रारम्भिक शिक्षा अल्मोड़ा में लेने के बाद इन्होंने बरेली से आई.टी.आई का एक वर्षीय प्रशिक्षण लिया। इसके बाद वे अपने मामा जी के पास लखनऊ आ गये। आगे चलकर इन्होंने अमीनाबाद … Read more

वैश्विक स्तर पर हिन्दी का बढ़ता प्रभाव ।– डॉ. गरिमा संजय दुबे 

भाषा वह सेतु है जो एक मनुष्य को दूसरे से जोड़ती है | मनुष्य और पशुओं में यदि भेद चिन्हित किए  जाएं तो दो भेद मुख्य हैं, भाषा और बुद्धि | भाषा का ज्ञान, उसका व्याकरण उसका लिखित स्वरूप मनुष्य के विकास की सबसे महत्वपूर्ण घटना है | विभिन्न क्षेत्रों के मनुष्यों की विभिन्न भाषाओं … Read more

द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी: जिनकी कविताएँ आज भी बच्चों को दे रहीं जीवटता, कर्मठता और भारतीयता के संस्कार — कुमार ललित

  सूरज सदा समय से आता और समय से जाता है चंदा सदा समय से आता और समय से जाता है तारे सदा समय से आते और समय से जाते हैं सारी दुनिया का चक्कर ये प्रतिदिन एक लगाते हैं हैं कितने पाबंद समय के पल भर देर नहीं करते ठीक समय से सोते हैं … Read more

कुशोत्पाटनी अमावस्या का महत्व कैसे करें कुशोत्पाटन – डॉ. बी. के. मल्लिक

भाद्रपद कृष्ण अमावस्या को कुशोत्पाटिनी अमावस्या कहा जाता है। इस दिन वर्ष भर के लिए पुरोहित नदी, पोखर, जलाशय आदि से कुशा घास एकत्रित कर घर में रखते हैं। कुशा घास का प्रयोग कर्मकांड कराने में किया जाता है। कुशोत्पाटिनी अमावस्या मुख्यत: पूर्वान्ह में मानी जाती है। कुशोत्पाटिनी अमावस्या को कुशाग्रहणी अमावस्या के नाम से … Read more

एक सामयिक समस्या पर लघु चर्चा :चिकित्सालय :  करुणा , सेवा के स्थान , संघर्ष , घमासान  की जगह नहीं  -डाक्टर श्रीधर द्विवेदी

आजकल अक्सर समाचार पत्रों ,टेलीविजन और सामाजिक संचार पटलों पर चिकित्सकों , अस्पताल ले कर्मचारियों से दुर्व्यवहार ,मार पिटाई , और अब दुष्कर्म -हत्या  की खबरें आती रहती हैं  आज से पहले भी ऐसी दुर्घटनाएं होती थी ।घटना की गंभीरता को देखते हुये प्रतिक्रियायें भी पढ़ने को मिलती थी पर कर्मचारियों के साथ बलात्कार और … Read more

1 सितम्बर/इतिहास-स्मृति               अध्यात्म पुरुष बाबा बुड्ढा

सिख इतिहास में बाबा बुड्ढा का विशेष महत्त्व है। वे पंथ के पहले गुरु नानकदेव जी से लेकर छठे गुरु हरगोविन्द जी तक के उत्थान के साक्षी बने। बाबा बुड्ढा का जन्म अमृतसर के पास गांव कथू नंगल में अक्तूबर, 1506 ई. में हुआ था। बाद में उनका परिवार गांव रमदास में आकर बस गया। … Read more

हिंदी – ताकि भारत के सब लोग एक दूसरे को समझ पाएँ – भावना सक्सैना

आज एक सितंबर है, आग़ाज़ हैं उस माह का जिसमें संविधान सभा द्वारा हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया था। 14 सितंबर 2024 को हिंदी को राजभाषा बने हुए पचहत्तर वर्ष पूरे हो रहे हैं। आज जब हम भारत के अमृतकाल में हैं, हमारे लिए यह मंथन करना बहुत आवश्यक हो जाता … Read more

राम राज्य की कल्पना और हमारे जीवन में राम के आदर्श: एक चिंतन।–शिव कुमार

आज के दौर में राम राज्य की कल्पना करना आम बात हो गई है। हर कोई एक ऐसे समाज की इच्छा रखता है जहां शांति, समृद्धि, और न्याय हो। लेकिन, इस राम राज्य की कल्पना करते हुए क्या हम वास्तव में भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में उतार पा रहे हैं? शायद नहीं। … Read more

बंगाल की पूरी सत्ता कठघरे में — अवधेश कुमार

वैसे तो पिछले एक महीने में बच्चियों के साथ हुऎ बर्बर दुष्कर्मों ने पूरे देश को हिलाया है किंतु कोलकाता के आईजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल की घटना ने समाज के हर वर्ग को उद्वेलित किया है। यह बिलकुल स्वाभाविक है। मेडिकल कॉलेज के अंदर एक डॉक्टर के साथ जघन्य अपराध, फिर स्वयं अस्पताल प्रशासन … Read more

31 अगस्त/जन्म-दिवस वात्सल्य की प्रतिमूर्ति उषाताई चाटी 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से नारी वर्ग में राष्ट्र सेविका समिति नामक संगठन चलता है। इसकी तीसरी प्रमुख संचालिका वंदनीया उषाताई चाटी का जन्म भंडारा (महाराष्ट्र) के फणसे परिवार में 31 अगस्त, 1927 (गणेश चतुर्थी) को हुआ था। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा भंडारा के मनरो हाई स्कूल में हुई। वहां श्रीमती नानी कोलते समिति की … Read more