युग के युवा मत देख दाएँ और बाएं – हरिवंश राय बच्चन
युग के युवा, मत देख दाएँ, और बाएँ, और पीछे, झाँक मत बगलें, न अपनी आँख कर नीचे; अगर कुछ देखना है, देख अपने वे वृषभ कंधे जिन्हें देता निमंत्रण सामने तेरे पड़ा युग का जुआ, युग के युवा! तुझको अगर कुछ देखना है, देख दुर्गम और गहरी घाटियाँ जिनमें करोड़ों संकटों के बीच में … Read more