16 जून/बलिदान-दिवसनलिनीकान्त बागची का बलिदान

भारतीय स्वतन्त्रता के इतिहास में यद्यपि क्रान्तिकारियों की चर्चा कम ही हुई है; पर सच यह है कि उनका योगदान अहिंसक आन्दोलन से बहुत अधिक था। बंगाल क्रान्तिकारियों का गढ़ था। इसी से घबराकर अंग्रेजों ने राजधानी कोलकाता से हटाकर दिल्ली में स्थापित की थी। इन्हीं क्रान्तिकारियों में एक थे नलिनीकान्त बागची, जो सदा अपनी … Read more

15 जून 1947 / इतिहास स्मृतिअखिल भारतीय काँग्रेस  ने माउण्टबेटन की भारत विभाजन की योजना स्वीकारी

जनवरी 1946 को दस सदस्यीय ब्रिटिश सांसदों का प्रतिनिधि मंडल भारत आया और प्रमुख नेताओं से मिला। जनवरी 25 को वह महात्मा गांधी से मिला और फरवरी 10 को इंग्लैण्ड लौट गया। 17 फरवरी महात्मा गांधी मुम्बई लौटे। उन दिनों भारत में ब्रिटिश विरोधी भावनाएँ अपनी चरम पर थीं। साथ ही भारतीय नौ सेना व … Read more

14 जूनमहत्त्वपूर्ण घटनाएँ-

14 जूनमहत्त्वपूर्ण घटनाएँ- 1775 – अमेरिकी सेना की स्थापना हुई।1777 – अमेरिकी कांग्रेस ने बैठक के दौरान अपना झंडा चुना।1900 – हवाई क्षेत्र अमरीकी राष्ट्र का हिस्सा बना।1901 – पहली बार गोल्फ प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।1907 – नॉर्वे में महिलाओं को मतदान करने का अधिकार मिला।1917 – इंग्लैंड पर जर्मनी का पहला हवाई हमला हुआ … Read more

एसी कमरे में बैठकर क्रान्ति की कड़वी बातें 

एसी कमरे में बैठकर क्रान्ति की कड़वी बातें  राधा रमण राजनीति की डगर काफी उबड़-खाबड़ होती है, पथरीली होती है। उसमें धूप में चलना होता है। सड़क पर विरोध-प्रदर्शन करना होता है। नारेबाजी करनी होती है, जेल जाना होता है और जरूरत पड़ने पर पुलिस की लाठी भी खानी होती है। एयरकंडीशनर (एसी) कमरों में … Read more

सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी , बनने पर विश्व भर के नेताओं ने दी उन्हें बधाई

सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी , बनने पर विश्व भर के नेताओं ने दी उन्हें बधाई अतनु दास, वरिष्ठ पत्रकार, पूर्व पीटीआई नई दिल्ली : नरेंद्र दामोदर दास मोदी,भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा सेवा करने वाले लोकतांत्रिक रूप से … Read more

    छोटी सर्कस वाली (कृतक कथा) 

    छोटी सर्कस वाली (कृतक कथा)  रेल गाड़ी अपनी रफ्तार से आगे बढ़ रही थी। अंदर बैठे मुसाफिर  एक आठ – दस साल की छोटी सी लड़की के सर्कस देख रहे थे। लड़की कभी उछल- कुद करती तो कभी छोटे से लोहे के रिंग मे से अपने पूरे शरीर को आर- पार कर तरह … Read more

प्राचीन एवं ऐतिहासिक काशी विश्वनाथ मंदिर की भव्यता और बढ़ गई है जाने…

प्राचीन एवं ऐतिहासिक काशी विश्वनाथ मंदिर की भव्यता और बढ़ गई है जाने… – अतनु दास, वरिष्ठ पत्रकार नई दिल्ली-वाराणसी: ऐतिहासिक दस्तावेजों और औपनिवेशिक काल की पुरानी काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी का संक्षिप्त इतिहास और विवरण के अध्ययन के बाद अभी पिछले महीने की यात्रा के मुताबिक़ जो संक्षिप्त ऐतिहासिक विवरण और जानकारी आप के … Read more

बुधनी

बुधनी असल जीवन की यह कहानी 6 दिसम्बर 1959 से सम्बद्ध है। सम्मान, अपमान और निष्कासन की एक ऐसी घटना घटी थी जिसने हर्ष – विषाद का समन्वित इतिहास रच दिया था लेकिन दुर्भाग्यवश इतिहास ने उस यथार्थ को अपने आँचल में कोई विशेष स्थान नहीं दिया। आइए चलते हैं झारखंड (तत्कालीन बिहार) के धनबाद … Read more

दो जून की या छह जून की…कौन  सी रोटी है अच्छी!!

दो जून की या छह जून की…कौन  सी रोटी है अच्छी!! – संजीव शर्मा आज दो जून है तो सुबह से शाम तक सोशल मीडिया में ‘दो जून की रोटी’ छाई हुई है। हर कोई दो जून की रोटी का महत्व/संघर्ष गिनवा रहा है लेकिन मेरी समस्या यह है कि बदलते वक्त में किसे सही … Read more

कांच के रिश्ते

कांच के रिश्ते कोलकाता के बेहाला इलाके के एक पुराने पुश्तैनी मकान में उस दोपहर अजीब सी खामोशी छाई थी। रूपक और रानी अपना सामान समेट कर सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे। रूपक, जो एक मामूली सरकारी क्लर्क था, उसकी आँखें डबडबाई हुई थीं; लेकिन उसकी माँ ऊषा देवी ने बेरुखी से मुँह फेर … Read more