”  मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम “

त्रेता युग में जन्म लिए थे, एक महान अवतार, ऊंच नीच और जात पात को, किए थे तार तार। खाकर जूठे बेर सबरी के, दुनिया वालों को बतलाया, ना कोई ऊंचा न कोई नीचा, ब्रह्मा ने सबको एक बनाया। गुणगान करना उनकी महिमा का, होगा सूर्य को दीप दिखाना, कोई और नहीं थे वे महापुरुष … Read more

” हे राम….!”

सकल जनमानस के आराध्य आपकी कृपा से विपत्तियां स्वत: हो जाती साध्य हे मानवता की अमर कीर्ति…! स्वीकार करो हमारी भक्ति रामायण है आपकी पुण्यकथा जो सुना…भव तरा नहीं सुना जो… उसका जीवन वृथा हे अनाचार के तिमिर नाशक, मर्यादा के उच्च शिखर आप प्रभु हैं प्रखर दिनकर सकल रुप में सर्वश्रेष्ठ परिभाषित तुम सम … Read more

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर पूजन हवन और जुलूस निकालने का निर्णय

लखीमपुर 21 जनवरी: दिनांक 17.01.2024 को तुलसी उपाध्याय के मार्गदर्शन में लखीमपुर विश्व हिंदू परिषद गौ विभाग  की  बैठक हुई। बैठक में 22 .01.2024 ता. को श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर लखीमपूर में पुजा-हवन व जुलूस निकालने के प्रस्ताव पर सहमति हुई। बैठक में शामिल थे सभापति श्री ऋषि काफ्ले, अभीनारायणजी, सूरज … Read more

अयोध्या वासियों की ओर से स्वागत गीत 

तार  झंकृत   हो   रहे   हैं । हम  अलंकृत  हो  रहे  हैं ।। आपके   बस   आगमन  से। खिल उठे तन-मन सुमन से।। दिव्यता  लौकिक  हुई  है। भव्यता  भौतिक   हुई  है।। द्वार    वन्दनवार    शोभित। मान  की  मनुहार शोभित।। उत्सवी    वातावरण    है। सभ्यता का  शुभचरण है।। सब   सुसंस्कृत   हो  रहे हैं।। तार   झंकृत   हो  … Read more

एक नवगीत __________ बात घर में चल रही है

हो गई बेटी सयानी उम्र दिन – दिन ढल रही है बात घर में चल रही है वर कई देखे गए पर कुछ न कुछ मिलती कमी है गुण नहीं मिलते कहीं तो रूप पर चर्चा थमी है भाभियों की व्यंग्य वाणी भाइयों को खल रही है बात घर में चल रही है क्या करें … Read more

मोह

क्यूं लिपटा है, इस मोह जाल में कुछ ना साथ जाएगा, जिसे मोह पड़ा हो डाल का वो पक्षी ना अब उड़ पायेगा। |जिसके पीछे दौड़ रहा तू मैं तो मिथ्या साया हूँ, मैं मोह दुःखदायक कहलाता हूँ।। करूंमती के सौन्दर्य के वशीभूत, ब्रह्मदत्त ने बांधे नगर के द्वार ये बेड़िया ऐसी है, जो ना … Read more

नव वर्ष की तैयारी

  आने वाले वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ स्वागत दिल से मैं करूं ऐ दिसम्बर। तुम जाते-जाते अच्छा कर जाना। संग ले जाना इन कड़वी यादों को, सौगात खुशियों की तुम दे जाना। ऐसा साल न आये जीवन में कभी, इंसानों को जिसने अलग किया, यादें ही रह गई दिलों में, जिसने अपनों को खो दिया। … Read more

मोह

  क्यूं लिपटा है, इस मोह जाल में कुछ ना साथ जाएगा, जिसे मोह पड़ा हो डाल का वो पक्षी ना अब उड़ पायेगा। |जिसके पीछे दौड़ रहा तू मैं तो मिथ्या साया हूँ, मैं मोह दुःखदायक कहलाता हूँ।। करूंमती के सौन्दर्य के वशीभूत, ब्रह्मदत्त ने बांधे नगर के द्वार ये बेड़िया ऐसी है, जो … Read more

एक गीत

ऐसा बाग लगाओ माली, खुशबू बहे जमाने में। लूट सके सो जी भर लूटे कमी न पड़े खजाने में।। रंग बिरंगी उड़ें तितलियाँ, चिड़े-चिड़ी डालों पर खेलें। कलियों पर भँवरे मण्डराएँ, पेड़ों से लिपटीं हों बेलें।। मद्धिम-मद्धिम चलें बयारें, मस्ती की झर उठें फुहारें, कोई कसर न रहे प्रीति की, परिभाषा बतलाने में।। ऐसा बाग————।।1।। … Read more

उन सभी सखियों को जिन्होंने अपने परिवार के लिए 21 से 55 वर्ष घर सम्भालने  में व्यस्त रही। आज उनके लिए समर्पित एक छोटी सी रचना  

कैसे कटा 21 से 55 तक का यह सफ़र, पता ही नहीं चला । क्या पाया, क्या खोया, क्यों खोया, पता ही नहीं चला ! बीता बचपन, गई जवानी कब आया बुढ़ापा, पता ही नहीं चला । कल बेटी थे, कब सास बन गये, पता ही नहीं चला ! कब माता  से नानी एवं दादी … Read more