राशिफल: 01 अप्रैल, 2024

मेष : संतान की ओर से हर्ष के प्रसंग बनेंगे। समय को देखकर कार्य करना ज्यादा हितकर रहेगा। परिश्रम अधिक करना पड़ेगा, तभी आप लाभ की आशा कर सकते हैं। कार्य क्षेत्र में पदोन्नति के योग बनेंगे। आलस्य को त्याग करें, पुरुषार्थ का सहारा लें। व्यवसायिक अभ्युदय भी होगा और प्रसन्नताएं भी बढ़ेगी। शुभांक-3-6-9 वृष … Read more

लोग लुगाई की रोजीना की राड़

अरे सुणे ह के अरे मरजाणी सुण ले अरे कानाफूटी सुणले अरे ओ कसम काटी सुणले हेला मारतां मारतां मुंडो दुखे लागो पर या किसी सुण लेवे अरे सुणे ह रे बापकाणा बोलूं तो हूं कान तेरा फूटग्या दिखे ओर कियां बोलूं कानां मं डूजो दिखे साला रांडूल्या कान फूटेड़ा है के हां हां सुणे … Read more

अब रो लो जीवन भर

पहले नहीं सोचा, टाबर बड़ी हो गई, चंचलाहट ना दिखी, पहनावा ना दिखा, शरीर से गदरा गई ह,मां को भी न दिखा, भाभी तो पराई जाई है,उसका कहना खूब खला. अरे वाह, बड़े फिटिंग कपड़े है, हर एक अंग का नाप लिया है, इंच इंच, क्या मजाल,एक सूत भर भी सलवट आये, टेलर थोड़े ही … Read more

” शिव जी की बारात “

निकल गयी रे ! निकल गयी रे ! शिवशम्भू की बैल की सवारी रे! मेरे शिवशम्भू की भोली सी बारात आज तक निकली न ऐसी बारात दूल्हा शिवजी का श्रृंगार अद्भुत है न सेहरा, न पौशाक, न ही जूती है संपूर्ण तन तो भस्म से रमा हुआ है | यह दूल्हा तो सर्पों से सजा … Read more

बस पास रहो तुम — नीलू गुप्ता, सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल

तुम्हीं दोस्त, तो तुम्हीं हमसफर तुम्हीं रास्ता तो तुम्हीं मंजिल, तुमसे ही है सबकुछ हासिल तुम ही हो हर सांस में शामिल । घर के दुलारे, हम सबके प्यारे तुम हो सारी दुनिया से न्यारे, शुभ जन्मदिन आज तुम्हारा आया खुशी और उल्लास से मन हर्षाया। आशीष और प्यार सबका मिले खुशियों से तुम्हारी दुनिया … Read more

” अकेला “

कौन कहता है एक चना भाड़ नहीं फोड़ता है।। एक अकेला रवि कब घबराता है पुरी कायनात उन्हीं से आलोक पाता है।। अम्बर में तो हजारों सितारे चमकता है मगर निशा की तिमिर अकेले चांद ही भगाता है।। समुद्र में असंख्य प्रचण्ड लहरें लहराता है पर एक अकेला तारिणी ही सिन्धु का वक्ष चिरता चला … Read more

भूस के पुतले

धरती पुत्र आंदोलन कर रहे हैं बेरोज़गार आंदोलन कर रहे हैं हर तरफ संघर्ष है जिसे तुम कहते हो जीवन जीवन, जीवन नहीं है यहां हर तरफ मुखौटाधारी मौजूद हैं अपने वजूद के लिए दूसरे के वजूद को खत्म करने पर तुले हैं अपने स्वर्णिम कल के लिए हर तरफ लालच और स्वार्थ की नदियां … Read more

राम मंदिर

२२ जनवरी २०२४ मेरे भगवान प्रभु श्री राम, अवध में फिर से आए हैं। पूरे देश में भक्तों नें, गली चौराह सजाए हैं।। बना है मस्त रंगोली, सजा सबका ही आंगन है। मंगल कलश सजा कर के, सभी ने दीप जलाए हैं।। केवल राम के जयकारे,हवा भी आज गाती है। सड़कों पर ध्वजा उनका, चारों … Read more

गड़रिए

गड़रिए अक्सर निर्जन में रहते हैं प्रकृति के ख्यालों में गुम रहते हैं वनस्पतियों, पेड़-पौधों से बतियाते बतियाते ढ़ोर से धरती की हर कोर से पहाड़,पठार और मैदान झीलों, नदियों, आंधी-तूफान, खग भ्रमर, तितलियों और मधुमक्खियों से बतियाते बतियाते जल, नभ और थल से रम-बस जाते दिन में सूरज और धरती से डंगर -ढ़ोर के … Read more

गड़रिए

  गड़रिए अक्सर निर्जन में रहते हैं प्रकृति के ख्यालों में गुम रहते हैं वनस्पतियों, पेड़-पौधों से बतियाते बतियाते ढ़ोर से धरती की हर कोर से पहाड़,पठार और मैदान झीलों, नदियों, आंधी-तूफान, खग भ्रमर, तितलियों और मधुमक्खियों से बतियाते बतियाते जल, नभ और थल से रम-बस जाते दिन में सूरज और धरती से डंगर -ढ़ोर … Read more