1 जुलाई/इतिहास स्मृति मदनलाल ढींगरा द्वारा कर्जन वायली वध

तेजस्वी तथा लक्ष्यप्रेरित लोग किसी के जीवन को कैसे बदल सकते हैं, मदनलाल ढींगरा इसका उदाहरण है। उनका जन्म 1883 को अमृतसर में हुआ था। उनके पिता तथा भाई वहाँ प्रसिद्ध चिकित्सक थे। बी.ए. करने के बाद मदनलाल को उन्होंने लन्दन भेज दिया। वहाँ उसे क्रान्तिकारी श्यामजी कृष्ण वर्मा द्वारा स्थापित ‘इण्डिया हाउस’ में एक … Read more

मुंशी प्रेमचंद की कहानी जिहाद सामने लाती है हिंदुओं का दर्द

इस कहानी में मुंशी जी ने बहुत कम शब्दों में ही बहुत कुछ बता दिया है। जरूर पढ़ें… बहुत पुरानी बात है। हिंदुओं का एक काफ़िला अपने धर्म की रक्षा के लिए पश्चिमोत्तर के पर्वत-प्रदेश से भागा चला आ रहा था। मुद्दतों से उस प्रांत में हिंदू और मुसलमान साथ-साथ रहते चले आये थे। धार्मिक … Read more

इतिहास के पन्नों में 29 जूनः कोई नहीं भूल सकता पीसी महालनोबिस को

देश-दुनिया के इतिहास में 29 जून की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है।यह तारीख सामाजिक-आर्थिक नियोजन और नीति तैयार करने में सांख्यिकी के महत्व के बारे में जन जागरुकता पैदा करने के वास्ते बेहद खास है। भारत में प्रत्येक वर्ष 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का … Read more

इतिहास के पन्नों में 28 जूनः आपातकाल प्रेस के लिए भी काला अध्याय

देश-दुनिया के इतिहास में 28 जून की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। वैसे भारत के राजनीतिक इतिहास में जून का पूरा महीना आपातकाल के लिए सदियों तक याद रखा जाएगा। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 25 जून, 1975 को आपातकाल की घोषणा के दो दिन के भीतर ही राजनीतिक विरोधियों और आंदोलनकारियों की … Read more

23 जून/बलिदान-दिवस डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी का बलिदान

छह जुलाई, 1901 को कोलकाता में श्री आशुतोष मुखर्जी एवं योगमाया देवी के घर में जन्मे डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी को दो कारणों से सदा याद किया जाता है। पहला तो यह कि वे योग्य पिता के योग्य पुत्र थे। श्री आशुतोष मुखर्जी कलकत्ता विश्वविद्यालय के संस्थापक उपकुलपति थे।1924 में उनके देहान्त के बाद केवल 23 … Read more

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक बाला साहब देवरस (मधुकर दत्‍तात्रेय देवरस)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक बाला साहब देवरस (मधुकर दत्‍तात्रेय देवरस) श्री बाला साहब देवरस का जन्म 11 दिसम्‍बर 1915 को नागपुर में हुआ था। उनके पिता सरकारी कर्मचारी थे और नागपुर इतवारी में आपका निवास था। यहीं देवरस परिवार के बच्चे व्यायामशाला जाते थे 1925 में संघ की शाखा प्रारम्भ हुई और कुछ … Read more

इतिहास के पन्नों में 16 जूनः भूटान में बीड़ी-सिगरेट पीना तो दूर, तंबाकू की पैदावार और खरीदने-बेचने पर भी है प्रतिबंध

देश-दुनिया के इतिहास में 16 जून की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह तारीख धूम्रपान के खिलाफ कठोर कदम के लिए खास है। भूटान ने साल 2010 में इसी तारीख को तंबाकू के पैदावार और इसकी खरीद-बिक्री पर पूर्ण रोक लगा दी थी। वैसे तो भूटान धूम्रपान का शुरू से सख्त विरोधी रहा … Read more

इतिहास के पन्नों में 14 जूनः वो तारीख… जब पड़ी भारत के बंटवारे की नींव

देश-दुनिया के इतिहास में 14 जून की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। वैसे तो हर तारीख अपने अंदर कोई न कोई कहानी समेट कर रखती है। ऐसी ही एक तारीख है-14 जून , 1947। इसी तारीख को कांग्रेस कार्यसमिति ने भारत विभाजन के लिए माउंटबेटन योजना के प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए अखिल … Read more

इतिहास के पन्नों में 12 जूनः निर्वाचन अमान्य होने से हिल गईं इंदिरा गांधी

देश-दुनिया के इतिहास में 12 जून की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है।यह तारीख ऐसी है जिसने भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सिंहासन को हिला दिया था। इससे इंदिरा गांधी इस कदर घबरा गईं उन्होंने लोकतंत्र को कुचलते हुए देश में आपातकाल लगा दिया। ‘किस्सा कुर्सी का’ काला अध्याय 1975 में शुरू … Read more

काकोरी कांड के नायक   : पंडित रामप्रसाद बिस्मिल

पंडित रामप्रसाद का जन्म 11 जून, 1897 को शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। इनके पिता श्री मुरलीधर शाहजहाँपुर नगरपालिका में कर्मचारी थे; पर आगे चलकर उन्होंने नौकरी छोड़कर निजी व्यापार शुरू कर दिया। रामप्रसाद जी बचपन से महर्षि दयानन्द तथा आर्य समाज से बहुत प्रभावित थे। शिक्षा के साथ साथ वे यज्ञ, सन्ध्या वन्दन, … Read more