राष्ट्र-चिंतन चीन की कब्र खोद रही है बीआरआई आचार्य विष्णु हरि सरस्वती

कहते हैं कि कुंआ कोई दूसरे लिए नहीं खोदता है, अपने लिए खोदता है, चीन ने एक ऐसा कुंआ खोदा था जिसमें डूबो कर भारत और अमेरिका को मारना चाहता था और भारत व अमेरिका की आर्थिक प्रगति के विस्तार को रोकना चाहता था, विध्वंस करना चाहता था, इतना ही नहीं बल्कि कूटनीति के क्षेत्र … Read more

आग लगी अकाश में झर-झर झरत अंगार….(४)

प्रिय मित्रों ! अशान्ति के मूल की तलाश करनी होगी ! विषयवस्तु के विभिन्न पहलुओं पर गहन चिंतन की आवश्यकता है,जिस प्रकार  किसी भी सडक,गली,बाग,परिवहन के सरकारी संशाधन ,रेलवे, यातायात व्यवस्था,पुलिस,न्यायालय, चिकित्सालय,सेना, वायु और जल सेना,जल व्यवस्था,विद्युत उत्पादन,शिक्षा, प्रशासन आदि-आदि हजारों हजार सार्वजनिक सुविधाओं के बिना हमारा-आपका जीवन निर्वाह होना असम्भव है। ये यथार्थ है … Read more

आग लगी अकाश में झर-झर झरत अंगार….(१)

कर गिर जाते हैं,कूलर व्यर्थ हो जाता है,एयर कन्डीशनर शो पीस बन जाता है ! लू के थपेडों से अब तो सिल्चर भी अछूता नहीं रहा ! अब तो शिलांग में भी लू चलने लगी ! चाय बागानों के इतने बुरे दिन कभी देखे थे ? यज्ञ धूम से- हवन की धूम से पर्यावरण दूषित … Read more

जानिए पद्मिनी एकादशी क्यों है सर्वश्रेष्ठ एकादशी -डॉ. बी. के. मल्लिक

मलमास में आने वाली पद्मिनी एकादशी तीन साल में एक बार आती है। इस एकादशी को कमला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। पद्मिनी एकादशी का महत्व अधिक मास में विशेष  माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति सच्चे दिल और पूरी निष्ठा के साथ इस व्रत का पालन करना है उसे … Read more

आग लगी अकाश में झर-झर झरत अंगार….(१)

पूर्व से लेकर पश्चिम तक,उत्तर से लेकर दक्षिण तक,एशिया प्रायद्वीप से लेकर ऑस्ट्रेलिया,यूरोप,संयुक्त राज्य अमेरिका से लेकर अफ्रीकी देशों तक सर्वत्र आकाश से सफेद बुर्राक आग बरस रही है ! बडे बडे पहाड,पठार,सडकें,पुल,मन्दिर,मस्जिद, चर्च,गुरूद्वारे,गांव,नगर,दुकानें,बस,कारें,मोटरसाइकिलें तिनकों की तरह बह रही हैं। जंगली जानवर,हांथी,मवेशी और मानव भी इस प्रलयंकारी त्रासदी में तिनकों की तरह बह रही है … Read more

भगत सिंह के साथ असेंबली में बम फेंकने वाले बटुकेश्वर दत्त को भी फांसी हो गई होती तो ज्यादा अच्छा था !

1947 में आजादी के पश्चात बटुकेश्वर को रिहाई मिली। लेकिन इस वीर सपूत को वो दर्जा कभी ना मिला जो हमारी सरकार और भारतवासियों से इन्हें मिलना चाहिए था। आज़ाद भारत में बटुकेश्वर नौकरी के लिए दर-दर भटकने लगे। कभी सब्जी बेची तो कभी टूरिस्ट गाइड का काम करके पेट पाला। कभी बिस्किट बनाने का … Read more

भगत सिंह के साथ असेंबली में बम फेंकने वाले बटुकेश्वर दत्त को भी फांसी हो गई होती तो ज्यादा अच्छा था

1947 में आजादी के पश्चात बटुकेश्वर को रिहाई मिली। लेकिन इस वीर सपूत को वो दर्जा कभी ना मिला जो हमारी सरकार और भारतवासियों से इन्हें मिलना चाहिए था। आज़ाद भारत में बटुकेश्वर नौकरी के लिए दर-दर भटकने लगे। कभी सब्जी बेची तो कभी टूरिस्ट गाइड का काम करके पेट पाला। कभी बिस्किट बनाने का … Read more

जानिए भगवान राम ने अपने भाई लक्ष्मण को क्यों दिया मृत्युदंड? – डा. बी. के. मल्लिक

रामायण  के अनुसार श्री राम को न चाहते हुए भी जान से प्यारे अपने अनुज लक्ष्मण को मृत्युदंड देना पड़ता है। ये घटना उस वक़्त की है जब श्री राम लंका विजय करके अयोध्या लौट आते है और अयोध्या के राजा बन जाते है। एक दिन यम देवता कोई महत्तवपूर्ण चर्चा करने श्री राम के … Read more

एक बार फिर बिहार में सक्रिय लालू प्रसाद यादव

– अनिल मिश्र बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल  (राजद )के सर्वेसर्वा यानी राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एक बार पुनः अपने पुराने अंदाज में लौट आए हैं। बिहार में गरीबों के मसीहा के नाम से चर्चित और दबे, कुचले और उपेक्षित लोगों के आबाज बुलंद करने वाले लालू प्रसाद यादव ऐसे वक्त … Read more

(इस्ट)-“इंडिया”-(कम्पनी) ……(१)

बैंगलोर में हुवे बेमेल जोडियोँ के सामूहिक विवाह आन्दोलन में जैसे-जैसे अजूबे दिखे वो अपने आप में अत्यधिक कष्टदायक हैं ! वास्तव में इसे-“(इस्ट)-“इंडिया”-(कम्पनी)” की संज्ञा दी जा सकती है।ये ऐसा शिखर सम्मेलन था जिसमें राष्ट्रीय स्तर के अंतर्राष्ट्रीय अलगाववादियों ने ये स्पष्ट रूप से स्वीकार कर लिया कि उन्हें सत्ता चाहिये ! वो किसी भी … Read more