हिन्दी, हिन्दु और हिन्दुस्थान आनंद शास्त्री

सम्माननीय मित्रों ! अपनी बाल्यावस्था में पढी कविता के ये अंश मुझे बार-बार सचेत करते रहते हैं कि- “जो भरा नहीं है भावों से बहती जिसमें रसधार नहीं, वह हृदय नहीं है, पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।” मैं हमेशा ये सोचता आया हूँ कि-“भाव और भावना” में अंतर होता है ? और क्यों … Read more

समान नागरिक संहिता का औचित्य सूर्य प्रकाश अग्रहरि

भारत विविधताओं से भरा हुआ भूभाग है जो कई धर्मों, समुदायों, जातियों, विश्वास प्रणाली का एकीकरण है इसलिए समान नागरिक संहिता का विषय भारत में बहस और विवाद का विषय है।औपनिवेशिक काल से ही भारत में समान नागरिक संहिता की बहस होती चली आ रही है। ब्रिटिश शासन से पूर्व ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा भारत … Read more

फिलिस्तीन पर जिहादी और अफगानों पर खामोशी क्यों? आचार्य विष्णु हरि

लाखों अफगानी शरणार्थियों को पाकिस्तान खदेड रहा है, इसके लिए वह न्याय और अंतर्राष्टीय संहिताओं को कुचल रहा है, मानवता का खून कर रहा है, अफगान शरणार्थियों की बस्तियों और घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। अब तक पांच लाख शरणार्थियों को पाकिस्तान ने खदेड दिया है, शेष शरणार्थियों को खदेडने के लिए पुलिस … Read more

इजरायल को आत्म रक्षा करने का पूरा अधिकार 

दुनिया में कोई भी सभ्य इंसान कभी भी दूसरे का मौत का जश्न नहीं मना सकता और न ही किसी की मौत का जस्टिफाई कर सकता है।गाजा और इजरायल में जितनी भी मौतें हुई हैं या हो रही हैं,ये मौत किसी भी इंसान की नहीं बल्कि पूरी मानवता की मौत है। किसी का भी मौत … Read more

एर्नाकुलम विस्फोट एक चेतावनी है

अवधेश कुमार किसी आतंकवादी घटना की गंभीरता का मूल्यांकन केवल इस आधार पर नहीं होता कि उसमें कितने लोगों की मौत हुई। केरल में एर्नाकुलम जिले के कलामसेरी के कन्वेंशन सेंटर यानी सम्मेलन केंद्र में हुआ विस्फोट हर दृष्टि से डराने और चिंतित करने वाली घटना है। निस्संदेह , तीन व्यक्तियों की मृत्यु तथा 51 … Read more

बुजुर्गों की देखभाल की चुनौती के लिए तैयार होने की जरूरत है

– रत्नज्योति दत्ता – ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल  अपने साथी नागरिकों के सामने 2047 में स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक हमारे प्यारे देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा। हमें युवा पीढ़ी को बुजुर्गों की देखभाल की चुनौतियों … Read more

आलेख… उद्यमिता में भी भारतीय महिलाओं का परचम

– पहले यह धारणा परंपरागत रूप से बनी हुई थी कि महिलाएं उद्यमिता में जाने से कतराती हैं। इस सोच को आज के दौर की महिलाओं ने बदल कर रख दिया है। चाहे उद्यमिता का क्षेत्र हो या फिर कोई अन्य, महिलाओं ने अपने पैरों पर खड़े होकर न सिर्फ स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया है, … Read more

हम संस्कृति और संस्कारों से दूर होते जा रहे हैं…. आनंद शास्त्री

सम्माननीय मित्रों ! बराक उपत्यका अर्थात कछार,करीमगंज एवं हाइलाकांदी तीनों जनपदों में स्थित हिन्दी विद्यालय एवं उनमें हिन्दी शिक्षकों की नियुक्ति के साथ-साथ उनका हिन्दी ज्ञान और उपस्थिति इन तीनों के लिये बराक उपत्यका में-“राजभाषा विद्यापीठ” को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ किसी स्थानीय हिन्दी भाषी संगठन समीति की शिक्षामंत्री जी द्वारा पुनर्गठन की योजना बनाना … Read more

हजारिका जी को हार्दिक शुभकामनायें एवं अनंत धन्यवाद-

आदरणीय मित्रों ! सौभाग्य है हमारा कि आज हमें मुख्यमंत्री जी एवं हजारिका जी के कारण थोडा सा न्याय मिला वैसे अभी तक ये विडम्बना रही है कि सभी राजनैतिक दलों की एक ही विचारधारा होती है ! चुनाव आते ही लोकलुभावन लालच दो, अपने-आप को सर्वाधिक लोकप्रिय और श्रेष्ठ सिद्ध करो ! अपने-आप को जनता … Read more

लंकेश का समर्थन करना सबसे बडा अपराध है…

समादरणीय मित्रों ! याज्ञवल्क्य,दधीचि,मरीचि,वशिष्ठ,अंगिरा गार्गी,कपिल,भी ब्राह्मण थे,जैसा कि कहते हैं कि- “अखर्व सर्व मंगला कला कदम्ब मंजरी- रसप्रवाहमाधुरीविजृम्भणामध्रुवतम् । स्मरान्तकंपुरान्तकंभवान्तकंमखान्तकं गजान्तकान्धकान्तकंतमन्तकान्तकं भजे।।” आज आश्विनि अथवा किन्ही भी दशहरों के इस पावन पर्व पर में अपने सभी सुधी जनों से प्रीति निवेदन करते हुवे इस मनोहारी उत्सव के संदर्भ में अपने शास्त्रोक्त मनोभाव प्रकट करना चाहता … Read more