लोक ही नहीं परलोक सुधारने का जतन है ‘मां के नाम एक पेड़’–डॉ. राघवेन्द्र शर्मा

मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से ‘मां के नाम एक पेड़’ योजना को हाथ में लेकर केवल पर्यावरण को सुधारने का प्रयास ही नहीं किया है, बल्कि इसके माध्यम से प्रकृति को अपने अनुकूल बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। यदि इस योजना को साकार करने हेतु सरकार … Read more

जम्‍मू-कश्‍मीर में हिन्‍दू मंदिरों की पुनर्प्रतिष्‍ठा का सदियों का संघर्ष आखिरकार विजित हुआ—डॉ. मयंक चतुर्वेदी

इतिहास में एक लम्‍बा संघर्ष का दौर चलता है। ये वर्षों-बरस का संघर्ष है। कई पीढ़‍ियां गुजर गईं इस आस में कि कभी तो न्‍याय मिलेगा। और अचानक से अब देखो, न्‍याय मिलने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ा है। यदि भविष्‍य में भी सब कुछ ठीक रहा तो सदियों के गहरे घाव समय … Read more

लगातार हो रहे आतंकी हमले , जम्‍मू-कश्मीर में आखिर ये क्या हो रहा है ? >अशोक भाटिया

जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना पर हाल ही के दिनों में एक के बाद एक कई सारे आतंकी हमले हुए हैं। महज 15 दिनों में घाटी 4 बड़े आतंकी हमलों से दहल गई है। इन हमलों में सेना के कई जवान शहीद हुए हैं और कई घायल। आतंकवादियों को पकड़ने के लिए सेना कई सारे सर्च ऑपरेशन भी कर रही … Read more

বরাক ড্যাম আনল কে?

 এমন স্লোগান শুনেই আসলে আমার টিপাইমুখের প্রতি আকর্ষণ জন্মায়৷ তখন মনে হয়েছিল, একবার সেখানে গেলে বরাক নদীর ওপর কত উঁচু বাঁধ নির্মিত হচ্ছে, তা দেখে আসা যাবে৷ বাঁধের উচ্চতা চোখে মাপারই  ইচ্ছে ছিল তখন৷ পরবর্তী সময়ে পরিতোষ পালচৌধুরী, পীযূষকান্তি দাস, অধ্যাপক পার্থঙ্কর চৌধুরীদের বাঁধ বিরোধিতা এবং বাংলাদেশের চরম আপত্তি টিপাইমুখ যাওয়ার আগ্রহ অনেকটা বাড়িয়ে দেয়৷ … Read more

झारखंड में बांग्लादेशी मुसलमानों की घुसपैठ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है , इसे रोकना जरुरी है >अशोक भाटिया

चुनावी साल में झारखंड में आदिवासियों और मुसलमानों की आबादी का मामला तुल पकड़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी का आरोप है कि राज्य के संथाल परगना में पिछले कुछ सालों में आदिवासियों की संख्या में कमी आई है, जबकि यहां पर मुसलमान बढ़ गए हैं। पार्टी का कहना है कि यह सब साजिश के … Read more

व्यंग बजट में कविताओं और शेरों-शायरी की बाइट !— सुनील कुमार महला

जीवन में हरेक आदमी हमेशा ‘बजट’ को लेकर चिंतित नजर आता है। बजट मतलब-‘आय-व्यय पत्र।’ अजी ! आदमी इस ‘आय-व्यय पत्र’ के बारे में चिंतित हो भी तो क्यों नहीं हो ? आखिर जीवन चलाने के लिए पैसा जो बहुत जरूरी है। बजट का जुगाड़ हर व्यक्ति को अपने जीवन में करना पड़ता है, अन्यथा … Read more

आखिर क्यों गिर रहा है भू-जल स्तर ?— सुनील कुमार महला

भारत में भू-जल का स्तर निरंतर गिरता चला जा रहा है। यदि इसी प्रकार से भू-जल स्तर का नीचे गिरना जारी रहा तो आने वाले समय में बहुत बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है, क्यों कि ‘जल ही जीवन है।’ जल के बिना प्राणियों, वनस्पतियों, पेड़-पौधों का जीवन संभव नहीं है। हमें ध्यान रखना चाहिए … Read more

इसरो का बेहद चुनौतीपूर्ण मिशन होगा: चंद्रयान-4

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी कि ‘इसरो’ एक बार फिर से दुनिया को चौंकाने की तैयारी में है। जी हां, अपनी अद्वितीय विज्ञान व तकनीकी प्रौद्योगिकी के जरिए ‘इसरो’ वर्ष 2040 तक भारतीयों को चांद पर भेजने में जुटा हुआ है। ‘इसरो’ चंद्रयान-4 मिशन पर कार्य कर रहा है। गौरतलब है कि 14 जुलाई 2023 … Read more

भाजपा शासनकाल में दक्षिण असम ( बराकघाटी ) का विकास!!— राजन कुँवर

स्वतंत्र भारत में सबसे लोकप्रिय शासक थे / प्रधानमंत्री थे स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जो प्रायः २९ राजनीतिक दलों के गठबंधन सरकार को सफलतापूर्वक छह वर्षों तक चलाया। अत्यंत प्रतिकूल परिस्थिति में अटलजी ने विपरीत विचारधाराओं के राजनीतिक दलो के संग गठबंधन करके राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार चलाए थे। अतः मैं उनको सबसे लोकप्रिय … Read more

मिडिल-क्लास का होना भी किसी वरदान से कम नहीं

मिडिल-क्लास का होना भी किसी वरदान से कम नहीं है कभी बोरियत नहीं होती।जिंदगी भर कुछ ना कुछ आफ़त लगी ही रहती है। मिडिल क्लास वालों की स्थिति सबसे दयनीय होती है, न इन्हें तैमूर जैसा बचपन नसीब होता है न अनूप जलोटा जैसा बुढ़ापा, फिर भी अपने आप में उलझते हुए व्यस्त रहते है … Read more