भक्तिसूत्र प्रेम-दर्शन देवर्षि नारद विरचित सूत्र-१७–आनंद शास्त्री

प्रिय मित्रों ! मैं पुनःआप सबकी सेवामें देवर्षि नारद कृत भक्ति-सूत्र का सत्रहवां सूत्र प्रस्तुत कर रहा हूँ-आप सबके ह्यदय में स्थित मेरे प्रिय श्री कृष्ण जी के चरणों में इसके इस सूत्र-पुष्प को चढा रहा हूँ,यहाँ कहते हैं कि- “कथादिष्विति गर्गः।।१७।।” श्रीगर्गाचार्यजीके मतानुसार भगवद् कथा-मृत्-स्वादन में अनुराग का होना ही भक्ति है। आदरणिय सखा वृँद ! वस्तुतः कथाऽमृत् का रसास्वादन अर्थात्- “मुदमंगलमय संत-समाजू’जिमि … Read more

भक्तिसूत्र प्रेम-दर्शन देवर्षि नारद विरचित सूत्र-१६– आनंद शास्त्री

प्रिय मित्रों ! मैं पुनःआप सबकी सेवामें देवर्षि नारद कृत भक्ति-सूत्र का सोलहवां सूत्र प्रस्तुत कर रहा हूँ-आप सबके ह्यदय में स्थित मेरे प्रिय श्री कृष्ण जी के चरणों में इसके इस सूत्र-पुष्प को चढा रहा हूँ,यहाँ कहते हैं कि- “पूजादिष्वनुराग इति पाराशर्य:।।१६।।” पूजा आदि में अनुराग भक्ति है, ऐसा पाराशर (वेद व्यास जी) कहते हैं ।। इस सूत्र की ब्याख्या से कुछ मान्यताऐं क्षुब्ध हो … Read more

भक्तिसूत्र प्रेम-दर्शन देवर्षि नारद विरचित सूत्र-१५– आनंद शास्त्री

प्रिय मित्रों ! मैं पुनःआप सबकी सेवामें देवर्षि नारद कृत भक्ति-सूत्र का पन्द्रहवां सूत्र प्रस्तुत कर रहा हूँ-आप सबके ह्यदय में स्थित मेरे प्रिय श्री कृष्ण जी के चरणों में इसके इस सूत्र-पुष्प को चढा रहा हूँ,यहाँ कहते हैं कि- “तल्क्षणानि वाच्यन्ते नानामतभेदात्।।१५।।” “अब नाना मतभेद से भक्ति के लक्षण कहते हैं। मैं आपको एक बात जरूर कहूँगा,और यह भी प्रार्थना करूँगा कि “यह … Read more

अरविंद केजरीवाल का संघ प्रमुख से प्रश्न — अवधेश कुमार

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने जंतर – मंतर पर जनता की अदालत लगाई लेकिन उसमें उन्होंने प्रश्न राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत से पूछा। बाद में इन पर पत्र लिख दिया। उन्होंने पांच प्रश्न पूछे। एक, जिस तरह से भाजपा देश भर में लालच देकर … Read more

भारतीय इतिहास की वीरांगना रानी दुर्गावती — डॉ. जगदीन्द्र राय चौधरी

भारत के इतिहास में महारानी दुर्गावती का नाम स्मरणीय है। रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती 5 अक्टूबर को उनके जन्मस्थान, बुन्देलखंड क्षेत्र के बांदा जिले के ऐतिहासिक किले कलिंजर में मनाई गई। कलिंजर उत्तर प्रदेश में है। सौभाग्य से मुझे इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने का अवसर मिला। इस कार्यक्रम में अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी … Read more

ताशकंद में हमने खोया लाल बहादुर- डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

  भाग्य और कर्म के बीच के संघर्ष में कभी कर्म जीतता है तो कभी भाग्य, किन्तु कभी-कभी दोनों के इतर प्रारब्ध बलवान हो जाता है।आध्यात्म और दर्शन के अध्येता प्रारब्ध को सर्वोपरि मानकर नियति के फ़ैसले को अंतिम निर्णय कहते हैं और प्रारब्ध सबकुछ छीनकर भी कभी-कभी उससे कहीं अधिक लौटा देता है। इसी तरह … Read more

पाली (राजस्थान) में ‘मीडिया गुरु सम्मान’ से हुए अलंकृत पत्रकारिता के ‘संजय’  -दामोदर सिंह राजावत 

29 सितंबर 2024 का दिन पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में एक नई इबारत लिखने जा रहा है। राजस्थान के पाली मारवाड़ में आयोजित एक भव्य समारोह में, प्रो.(डॉ.) संजय द्विवेदी को “मीडिया गुरु सम्मान” से अलंकृत किया जा रहा है। यह सम्मान उनकी अब तक की उपलब्धियों और पत्रकारिता के प्रति उनकी सच्ची निष्ठा … Read more

हिंदी के हत्यारे…आप/हम,और कौन!! -संजीव शर्मा 

‘हिंदी के हत्यारे’…पढ़कर आप चौंक गए न और हो सकता है कुछ लोग शायद नाराज भी हो गए होंगे क्योंकि हमारी अपनी सर्वप्रिय और मीठी हिंदी भाषा के साथ हत्यारे जैसा क्रूर शब्द सुनना अच्छा नहीं लगता । लेकिन, जब मैं यह कहूं कि मैं,आप और हम सभी हिंदी के हत्यारे हैं तो शायद आपको … Read more

भक्तिसूत्र प्रेम-दर्शन देवर्षि नारद विरचित सूत्र-११–आनंद शास्त्री

प्रिय मित्रों ! मैं पुनःआप सबकी सेवामें देवर्षि नारद कृत भक्ति-सूत्र का ग्यारहवां सूत्र प्रस्तुत कर रहा हूँ-आप सबके ह्यदय में स्थित मेरे प्रिय श्री कृष्ण जी के चरणों में इसके इस सूत्र-पुष्प को चढा रहा हूँ,यहाँ कहते हैं कि- “लोकवेदेषु तदनुकूलाचरणं तद्विरोधिषूदासीनता॥११॥” लौकिकऔर वैदिक कर्मों में उसके(त्याग के) अनुकूल कर्म करना ही उसके (त्याग के)विरोधी कर्म करना है। सखा वृँद ! … Read more

अतिशय विकास अर्थात सर्वनाश अंक-२ –आनंद शास्त्री

मित्रों ! एक अत्यंत ही मर्मस्पर्शी कथा आपके लिये लेकर आया हूँ ! लगभग पन्द्रह वर्ष पूर्व कानपुर की ये सत्य घटना है ! वहाँ अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान के लिये आवश्यक कुछ वस्तुओं को लेने मैं गया था ! कुछ जल्दी पहुंचने के कारण प्रतिष्ठान बन्द था वहाँ टहलते हुए पास की एक कालोनी तक … Read more