रोहिंग्या-बांग्लादेशी डेमोग्राफी रोकेंगी भाजपा की रफ्तार– आचार्य श्रीहरि

झारखंड विधान सभा चुनाव में सिर्फ एक मुद्दा उफान पर है, शेष मुद्दे गौण हो गये हैं, निपेथ्य में चले गये हैं। यह मुद्दा आखिर है क्या और इस मुद्दे को लेकर इतनी राजनीति गर्म क्यों हैं, शह-मात का खेल इस मुद्दे पर क्यों खेला जा रहा है? वास्तव में यह मुद्दा राहिंग्या और बांग्लादेशी … Read more

सावधान ! हल्के में न लें टीबी को… — डॉ.संगीता पांडेय

विश्व में इतनी सारी नई नई बीमारियों ने जन्म ले लिया है कि अब तपेदिक यानि टीबी को या तो बड़े हल्के में लिया जाने लगा है या फिर इस बारे में अधिक प्रचार प्रसार भी नहीं किया जाता. किन्तु याद रखिए ये बीमारी आज भी हमारी धरती पर मौजूद है और आज भी इंसानों … Read more

“खो-खो” के वर्ल्ड कप से भारतीय खेल को वैश्विक पहचान मिलेगी -सुधांशु मित्तल

भारत के माटी के खेल, खो-खो का पहली बार वर्ल्ड कप होने जा रहा है। खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित और भारतीय युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा समर्थित इस टूर्नामेंट का उद्देश्य देसी खेल ” खो-खो” को वैश्विक मंच पर लाना है। खो-खो वर्ल्ड कप 13 से 19 जनवरी को नई दिल्ली में … Read more

चीन से जंग में हार का दोषी नेहरू जी को क्यों न माना जाए?– आर.के. सिन्हा

भारत और चीन के बीच हाल ही में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इससे यह आशा की जाती है कि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को हल करने में मदद मिलेगी। दशकों बाद यह एक सकारात्मक पहल हुई है । सबको पता है कि दोनों मुल्कों के … Read more

ये सिख तो हिन्दुओं के दुश्मन हैं — आचार्य श्रीहरि

कनाडा में हिन्दू सभा मंदिर पर सिखों की हिंसा हुई, हमला हुआ, मंदिर को अपमानित करने का काम हुआ है, मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं को निशाना बनाने की कोशिश हुई, कुछ श्रद्धालु हमले के शिकार भी हुए है, पुलिस खामोश थी, कनाडा की सरकार उदासीन थीं। सबसे बड़ी बात यह है कि हिन्दुओं और सिखों … Read more

नेताओं के बिगड़े बोल पर निशाने पर ही क्यों होती है महिलाये ?– अशोक भाटिया

एक ओर तो महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक मौका देने की बात राजनीतिक दलों के बड़े-बड़े नेताओं की ओर से की जाती है और दूसरी ओर ऐसे बयान भी सामने आते हैं जिससे नेताओं के बोलों से आम जनता को शर्म आने लगाती है .  क्योकि  नेताओं के विवादित और फूहड़ … Read more

महावीर स्वामी के निर्वाण दिवस पर विशेष,  “जैन परंपरा और दीपावली” 

जियो और जीने दो के महान प्रेरक अहिंसा के अवतार, चरम तीर्थंकर श्रमण भगवान महावीर स्वामी का 2550वां निर्वाण दिवस पुरे भारत में धूमधाम से मनाया गया। मनुष्य प्रकाश का स्वागत करता है पर अंधकार से डरता है। बाहर का अंधकार दूर करने के लिए वह दीप जला सकता है विद्युत का उपयोग कर सकता … Read more

वोकल फॉर लोकल उत्पादों संग मनाएं दिवाली !

दीपावली रौशनी का त्योहार है। यह उमंग-उत्साह, उल्लास, खुशियों व आपसी सौहार्द, मेल-मिलाप का त्योहार है। देखा जाए तो यह त्योहार पर्यावरण की रक्षा करने, पर्यावरण को शुद्ध, सुंदर व संतुलित रखने का भी त्योहार है। यह हमारे देश की सांस्कृतिक परंपराओं को जिंदा रखने, हमारे संस्कृति-संस्कार, बुराई पर अच्छाई की जीत का पावन व … Read more

मुस्लिम फन को इस्राइल मरोड़ कर रख देगा, ईरान अपनी बर्बादी-तबाही क्यों चाहता है ?–       आचार्य श्रीहरि

ईरान का हमास या फिर हिजबुल्लाह के साथ क्या रिश्ता है? क्यों बर्बाद होना चाहता है ईरान? इस युद्ध और तकरार में ईरान को क्या हासिल होने वाला है? मुस्लिम दुनिया की यूनियनबाजी करने और मुस्लिम दुनिया के नेता बनने से ईरान को क्या लाभ होने वाला है। ईरान क्या इस्राइल के बुलंद इरादों को … Read more

बहराइच हिंसा का सच स्वीकारें — अवधेश कुमार

बहराइच सांप्रदायिक हत्याकांड के आरोपियों के मुठभेड़ पर जिस त्वरित गति से तीखी प्रतिक्रिया आई उसका शतांश भी स्व रामगोपाल मिश्रा की हत्या और उसके साथ हुई बर्बरता पर नहीं देखी गई। यह भारतीय राजनीति, बौद्धिक जगत और एक्टिविज्म की दुनिया की ऐसी ट्रेजेडी है जिसकी समानता इतिहास में ढूंढनी मुश्किल हो जाएगी। पुलिस मुठभेड़ … Read more