धार्मिक ही नहीं वैज्ञानिक महत्व भी है मकर संक्रांति का ! — सुनील कुमार महला

14 जनवरी को स्नान और दान का पर्व मकर संक्रांति है। वास्तव में, यह शीत ऋतु की समाप्ति और नई फसल ऋतु के आरंभ का प्रतीक तथा भारतीय संस्कृति का प्रमुख त्योहार है, जो पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। कहना ग़लत नहीं होगा कि यह पुण्य अर्जित करने और पापों से … Read more

यूजीसी का नया ड्राफ्ट:एक विवेचन। — सुनील कुमार महला

5 वीं और 8 वीं कक्षाओं में ‘नो डिटेंशन पालिसी’ के खात्मे के साथ अब सरकार ने उच्च शिक्षा क्षेत्र में भी हाल ही में नये शैक्षणिक बदलाव करते हुए एक ड्राफ्ट जारी किया है। उल्लेखनीय है कि अब विश्वविद्यालयों में बिना नेट(नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट) और पीएचडी के भी कुलपति बना जा सकेगा। पाठकों को … Read more

राष्ट्र-चिंतन उद्धव ठाकरे की दुर्गति देखी जाती नहीं   —       आचार्य श्रीहरि

उद्धव ठाकरे की दुर्गति देखी जाती नहीं। महाराष्ट्र विधान सभा चुनावों मे जनता ने उसकी ऐसी दुर्गति ही नहीं की थी बल्कि राजनीतिक तौर पर हाशिये पर भी खडा कर दिया था। अब वे अपनी विरासत की ओर लौटने के लिए रास्ते तलाश रहे हैं, अवसर देख रहे हैं और जिनकों जमींदोज करने, सफाया करने, … Read more

“एक चुटकी ज़हर रोजाना”

आरती नामक एक युवती का विवाह हुआ और वह अपने पति और सास के साथ अपने ससुराल में रहने लगी। कुछ ही दिनों बाद आरती को आभास होने लगा कि उसकी सास के साथ पटरी नहीं बैठ रही है। सास पुराने ख़यालों की थी और बहू नए विचारों वाली। आरती और उसकी सास का आये … Read more

धार्मिक समाज सुधारकों की परंपरा को बचाने की लड़ाई – एड. संजय पांडे

शिवगिरी मठ सभी दलों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखता है। वार्षिक शिवगिरी यात्रा के दौरान राजनीतिक दलों के नेताओं को यात्रियों को संबोधित करने का अवसर दिया जाता है। हाल के वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने यात्रियों को संबोधित किया है। इस वर्ष शिवगिरी मठ … Read more

मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार और स्मारक की मांग — अवधेश कुमार

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के  मृत्यु उपरांत अंतिम संस्कार और स्मारक पर हुई और हो रही राजनीति उचित नहीं। जो 10 वर्ष प्रधानमंत्री, 5 वर्ष वित्त मंत्री और इसके अलावा तीन दशक तक भारत के आर्थिक और वित्तीय नीति निर्माण से जुड़े रहे हों, उन्हें लेकर उनकी पार्टी और समर्थकों को संयमित वक्तव्य देना … Read more

चीन की नीयत और मंशा में है खोट ! — सुनील कुमार महला

हमेशा-हमेशा से चीन के भारत के प्रति इरादे कुछ ठीक नहीं रहे हैं। समय-समय पर चीन का असली चेहरा दुनिया के सामने आ रहा है और सच तो यह है कि चीन अपनी विस्तारवादी नीतियों से बाज नहीं आ रहा है। इस क्रम में, हाल ही में भारत ने चीन द्वारा होटन प्रान्त में दो … Read more

क्या चीन में फैला है जानलेवा वायरस? — राकेश दुबे

सारी दुनिया में चर्चा है कि चीन में एक बार फिर कोरोना वायरस अथवा उसके जैसा ही खतरनाक, जानलेवा वायरस फैला है। चीन खामोश है। क्या चीन इस बार भी संक्रमण के विस्फोट और विस्तार को छिपाए रखेगा? भारत सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से इन सवालों के स्पष्टीकरण मांगे हैं। क्या यह संगठन पुष्टि … Read more

‘आप’ का क्या होगा जनाबेआली … राधा रमण

दिल्ली विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने घोषणा कर दी है कि दिल्ली में मतदान 5 फरवरी को और नतीजे 8 फरवरी को घोषित किये जाएंगे। हालांकि इससे पहले ही दिल्ली की सियासत में आरोप- प्रत्यारोप और गाली- गलौच का दौर शुरू हो गया है। लगातार तीन बार से सत्ता … Read more

हिंदी में नई कहानी आंदोलन के जनक थे: कमलेश्वर — सुनील कुमार महला

साहित्य के क्षेत्र में कमलेश्वर प्रसाद सक्सेना ऐसा नाम है, जिनसे कौन परिचित नहीं है। बहुमुखी प्रतिभा के धनी कमलेश्वर आधुनिक हिंदी साहित्य में वह जाना-पहचाना और विख्यात नाम है,जिनकी रचनाओं को छठे दशक में सबसे अधिक पढ़ा गया था। वे स्वातंत्र्योत्तर काल में हिंदी जगत के विख्यात साहित्यकारों में से एक माने जाते हैं। … Read more