आपणों मारवाड़ी समाज कठे जा रियो है. (लीक लखोटिया नं.6.)
‘मारवाड़ी समाज पुराणतो अर आजको”. पुराणतो अर आजका मारवाड़ी समाज का लोंगां मं भोत फर्क है.आज है शक्ति सूं उपर दिखाओ अर कर्म की अपेक्षा जर, जोरु ,जमीं मं विशेष रुचि.पहली थी साधारण आवश्यकता की पूर्ती अर सुविधा.आज जो साधारणता है ,बा पूरी बदलगी. समयानुसार कोनी बदली, पर बदलगी आवश्यकता आपणां संस्कारां न किनारे फेंक … Read more