प्रदूषण के बहाने माओवादी तमाशा  -प्रमोद भार्गव

इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि चंद कथित बौद्धिक वायु प्रदूषण के विरुद्ध प्रशासन से अनुमति लेकर प्रदर्शन करें और फिर एकाएक प्रदर्शन को हिंसा में बदल दें। ये प्रदर्षनकारी 18 नवंबर को सुरक्षाबलों द्वारा मारे गए कुख्यात नक्सली माडवी हिडमा के समर्थन में उतर आए। इन्होंने ‘माडवी हिडमा अमर रहे‘ और ‘हर घर से … Read more

नवीन वलित पर्वत: दुनिया के सबसे ख़तरनाक भूभाग और नया भूकंप मानचित्र

भूकंप की दृष्टि से हमारा देश बहुत ही संवेदनशील क्षेत्र में आता है।इस क्रम में, भारत ने हाल ही में अपना नया राष्ट्रीय भूकंप जोन मैप जारी किया है।इसके तहत अब पूरे हिमालयी क्षेत्र (जम्मू-कश्मीर से अरुणाचल प्रदेश तक) को पहली बार सबसे उच्च जोखिम-जोन- जोन-VI में रखा गया है, क्योंकि भूवैज्ञानिक विश्लेषण और प्लेट … Read more

200 वर्षों की प्रतीक्षा का अंत, असम के चाय श्रमिकों को मिला भूमि का अधिकार- विक्रम कोइरी आइ ए एस 

1823 में रॉबर्ट ब्रूस ने असम में जंगली चाय के पौधों की पहचान की थी। यह घटना भारत के इतिहास को एक नए ढंग से लिखने वाली साबित हुई। इसके बाद मजदूरों का बंधुआ प्रवासन शुरू हुआ और लाखों मजदूरों को असम लाया गया, जहाँ उन्हें चाय बागानों में काम पर लगाया गया। वह समय … Read more

न्याय के शिखर पर हिंदी: सीजेआई की शपथ से खुला नई दिशा का द्वार (आलेख)

देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत हिंदी में शपथ लेने वाले पहले मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बन गए। वास्तव में, प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत द्वारा हिंदी में शपथ लेने के गहरे निहितार्थ हैं। कहना ग़लत नहीं होगा कि मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत का हिंदी में शपथ लेना भारत की राजभाषा के संवैधानिक सम्मान का प्रतीक है। … Read more

भारत के उद्यम-पुरोधा: जेआरडी टाटा (स्मृति आलेख) दिवस विशेष आलेख

भारत के उद्यम-पुरोधा: जेआरडी टाटा (स्मृति आलेख) दिवस विशेष आलेख 29 नवंबर वह दिन है, जब आधुनिक भारत की बुनियाद रखने वाली औद्योगिक हस्तियों में सर्वोपरि, महान् उधोगपति तथा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा मोटर्स, टाइटन इंडस्ट्रीज, वोल्टास और एअर इंडिया के संस्थापक जे. आर. डी. टाटा(जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा)का निधन हो गया था।वे हमारे देश … Read more

अंगदान के प्रति सामाजिक धारणाओं को बदलने की जरूरत है

 (27 नवंबर राष्ट्रीय अंगदान दिवस विशेष आलेख) प्रत्येक वर्ष 27 नवंबर को ‘राष्ट्रीय अंगदान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। दरअसल,यह दिवस अंगदान के महत्व को समझाने, समाज तथा देश में अंग-दान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। कहना ग़लत नहीं होगा कि अंगदान से समाज में मानवता, सहानुभूति और सेवा … Read more

संविधान

मैं भारत का संविधान हूं ! अधिकारों की उज्ज्वल रौशनी लेकर, कर्तव्यों की राह दिखाता हूं। जाति-धर्म से ऊपर उठकर,सबको समान रखता हूं। न्याय, स्वतंत्रता, समता की मिट्टी से जन्मा। गाँधी, अम्बेडकर के सपनों को सच्चा रूप देता। किताब मात्र नहीं , भारत की आत्मा का स्वर प्यारा। लोकतंत्र का दीप जलाता हर जन-मन में … Read more

भारत का संविधान: अतीत की विरासत और भविष्य की दिशा।

प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। पाठकों को बताता चलूं कि इसे ‘राष्ट्रीय विधि दिवस’ के नाम से भी जाना जाता है। यह वही दिन है जब सन् 1949 में संविधान सभा ने भारत के संविधान को औपचारिक रूप से अंगीकृत किया था, जबकि इसे लागू 26 जनवरी … Read more

बेमिसाल बरसेनापति

गुजरना होता है परीक्षाओं से कुछ बनने के लिए कुछ पाने के लिए. लाचित को भी देनी पड़ी थी कई परीक्षा यें बरसेनापति बनने के लिए. बुलंद आवाज में दिया आदेश ‘दौलभारी’ लोंगों को राजा के मन को भा गया. सय्यद साला और सय्यद फिरोज को पकड़ने के बावत राजा ने  की चिन्ता ब्यक्त. कहा … Read more

 राष्ट्र-चिंतन श्रम संसार की तस्वीर बदलने वाली जीवंत गारंटी

 राष्ट्र-चिंतन श्रम संसार की तस्वीर बदलने वाली जीवंत गारंटी आचार्य श्रीहरि श्रमेव जयते। श्रम की प्रधानता अनिवार्य है। श्रम की प्रधानता और समृद्धि के बिना जीवंत राष्ट्र की परिकल्पना नहीं हो सकती है। श्रम की कसौटी पर निर्माण और विकास की परिकल्पना बनती है। इसलिए श्रम की महत्ता और अनिवार्यता को अस्वीकार करना मुश्किल है। … Read more