संघर्ष से शिखर तक: लखीपुर से भाजपा प्रत्याशी अप्रतिरोध्य कौशिक राय की राजनीतिक यात्रा

संघर्ष से शिखर तक: लखीपुर से भाजपा प्रत्याशी अप्रतिरोध्य कौशिक राय की राजनीतिक यात्रा 51 वर्षीय कौशिक राय का राजनीतिक जीवन किसी अचानक उभार की कहानी नहीं, बल्कि निरंतर संगठनात्मक तपस्या का परिणाम है। विद्यार्थी जीवन से ही भाजपा की विचारधारा से जुड़ाव और पारिवारिक पृष्ठभूमि—जहां उनके पिता भी समर्पित भाजपा कार्यकर्ता रहे—ने उन्हें प्रारंभिक … Read more

भाषा मे निखालसता हो। 

भाषा मे निखालसता हो।  धरा पर मनुष्य के पास भाषा ही एक ऐसा माध्यम है जिसके जरीये हम अपने मन की भाव को एक दुसरे के साथ आदान – प्रदान कर सकते है। भाषा संयमित और विनम्र होना चाहिए। भाषा एक ऐसा अस्त्र है जिससे आग लग सकती है और बुझ भी सकती है। आग … Read more

कलाप्रेमी संगठक डा. शैलेन्द्रनाथ श्रीवास्तव

20 मार्च/जन्म-दिवस कलाप्रेमी संगठक डा. शैलेन्द्रनाथ श्रीवास्तव लोगों को जोड़ना एक कठिन काम है, उसमें भी कलाकारों को जोड़ना तो और भी कठिन है; क्योंकि हर कलाकार के अपने नखरे और वैचारिक पूर्वाग्रह होते हैं। कई बार तो वे एक साथ मंच पर बैठना भी पंसद नहीं करते। फिर भी ‘संस्कार भारती’ के अध्यक्ष के … Read more

*आध्यात्मिक जागृति, इन्द्रिय संयम के साथ अंत:करण शुद्धि का महापर्व है नवरात्र – डॉ. अभिषेक कुमार उपाध्याय* 

*आध्यात्मिक जागृति, इन्द्रिय संयम के साथ अंत:करण शुद्धि का महापर्व है नवरात्र – डॉ. अभिषेक कुमार उपाध्याय*   *आनन्दतत्त्व को स्वयं में पहचानने का अवसर है नवसंवत्सर – डॉ. उपाध्याय* सनातन धर्म, संस्कृति एवं परम्परा में प्रत्येक दिवस कोई न कोई पर्व त्यौहार एवं उत्सव को मनाने की व्यवस्था है। उसी क्रम में भारतीय नव संवत्सर … Read more

     ” मेरा अभिलाषा “

     ” मेरा अभिलाषा “ बोल सिखा दूं गूंगों को आवाजों मे पर नही है जीभ जिंदा हूँ पर ठहरा जनाजों मे॥ दिखाऊँ अंधे को उजाले नजारों मे पर नही है ज्योति भटक गया हूँ काले अंधकारो मे ॥ चलना सिखा दूं लंगड़े को पहाड़ो मे पर नही बैसाखी रो रहा हूँ गिरकर हजारों … Read more

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा(भारतीय नववर्ष) : नव-आशा, नव-ऊर्जा और नव-संस्कृति का संदेश।

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा(भारतीय नववर्ष) : नव-आशा, नव-ऊर्जा और नव-संस्कृति का संदेश। -सुनील कुमार महला हमारी सनातन,अद्भुत और सुंदर भारतीय संस्कृति में पर्व केवल उत्सव और उल्लास का अवसर नहीं होते, बल्कि वे जीवन के गहरे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संदेश भी अपने भीतर समेटे रहते हैं। प्रत्येक त्योहार हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने, हमारी … Read more

मेंस्ट्रुअल लीव(मासिक धर्म अवकाश): सुप्रीम कोर्ट का फैसला और वैश्विक परिप्रेक्ष्य ! -सुनील कुमार महला 

मेंस्ट्रुअल लीव(मासिक धर्म अवकाश): सुप्रीम कोर्ट का फैसला और वैश्विक परिप्रेक्ष्य ! -सुनील कुमार महला हाल ही में, यानी कि 13 मार्च 2026 को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के लिए पीरियड लीव (मासिक धर्म अवकाश) को अनिवार्य करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर … Read more

सहायता परम धर्म

सहायता परम धर्म  हम सब जानते है कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। इस नाते हर व्यक्ति को एक दुसरे की आवश्यकता होती है। व्यक्ति अमीर हो या गरीब, शिक्षित हो या अशिक्षित, छोटा हो या बड़ा सभी को एक दुसरे की आवश्यकता होती है। इसलिए समाज मे रहने वाले एक – एक व्यक्ति महत्वपूर्ण … Read more

शीर्षक – धरा ये कैसा वेश

शीर्षक – धरा ये कैसा वेश अतृप्त चाहतों के नाम पर धरा है ये कैसा वेश, रो रही है मानवता आपस में लड़ रहे जो देश, खुद के स्वार्थ में कर रहे हैं प्रकृति का नुकसान, फतेह करना चाहे महत्वाकांक्षाओं का आसमान । तोड़ रहे सीमाएं भुलकर भाईचारे का उपदेश, कोई तो समझाएं उन्हें भेजें … Read more

सहायता परम धर्म

सहायता परम धर्म  हम सब जानते है कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। इस नाते हर व्यक्ति को एक दुसरे की आवश्यकता होती है। व्यक्ति अमीर हो या गरीब, शिक्षित हो या अशिक्षित, छोटा हो या बड़ा सभी को एक दुसरे की आवश्यकता होती है। इसलिए समाज मे रहने वाले एक – एक व्यक्ति महत्वपूर्ण … Read more