।।असम के हिंदी अखबारों के गैर-प्रतिष्ठानिक लेखक और उनके साथ प्रतिष्ठानों का रवैया।।

असम में शायद पूरे पूर्वोत्तर-व्याप वाले छह अखबार वर्तमान में छप रहे हैं।इन छह अखबारों में एकाध शायद सभी पूर्वोत्तर राज्यों में न भी पहुंच पाए हों फिर भी इनका नाम पूर्वोत्तर के सभी प्रांत के हिंदी-भाषी लोग जानते जरूर हैं। इन अखबारों में संपादकीय पेज पर स्थानीय लेखकों की एक अच्छी संख्यां है।इन लेखको … Read more

संसदीय बहस के द्रोणाचार्य- के एम बहरुल इस्लाम

गुरुचरण महाविद्यालय की उच्चतर माध्यमिक विज्ञान शाखा के १९८४- १९८६ बैच के प्रथम वर्ष की प्रथम श्रेणी। अंग्रेजी के प्रोफेसर ने कक्षा में प्रवेश किया और सवाल पूछा – “हम अंग्रेजी क्यों पढ़ रहे हैं?” सब अपने-अपने पक्ष में तर्क दे रहे हैं, सब अंग्रेजी भाषा के पक्ष में। इस सब के अंत में उन्होंने … Read more

अगले पांच सालों में पृथ्वी अनुभव कर सकती है अपना सबसे गर्म साल

लंदन.28 May. इस बात की 90 फ़ीसद उम्मीद है कि साल 2021-2025 के बीच कम से कम एक साल ऐसा होगा जो अब तक सबसे गर्म साल होने का रिकॉर्ड बनाएगा और पिछले रिकार्ड होल्डर, 2016 और 2020, को पीछे छोड़ देगा. इस बात का ख़ुलासा हुआ है वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल आर्गेनाइजेशन (डब्लूएम्ओ) और UK MET … Read more

प्रेरक कहानी: क्रोध के दो मिनट

एक युवक ने विवाह के बाद दो साल बाद परदेस जाकर व्यापार की इच्छा पिता से कही’ पिता ने स्वीकृति दी तो वह अपनी गर्भवती पत्नी को अपने माँ-बाप के जिम्मे छोड़कर व्यापार को चला गया. परदेश में मेहनत से बहुत धन कमाया. 17 वर्ष धन कमाने में बीत गए तो सन्तुष्टि हुई और वापस घर … Read more

कोबिड-१९ से , दुनिया में पैदा हुए आतंक से उबरना हर देश के लिए एक बड़ी चुनौती

कोबिड-१९ से , दुनिया में पैदा हुए आतंक से उबरना हर देश के लिए एक बड़ी चुनौती है। इस विकट स्थिति से निपटने के लिए भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू से ही उठाए गए कदमों से पता चलता है कि भारत में पीड़ितों और मौतों की संख्या अन्य देशों की तुलना में … Read more

राष्ट्र चिंतन, हिमंता बिस्व सरमा की कट्टरता बनेगी भाजपा की समृद्धि

विष्णुगुप्त असम में  सोनेवाल को नजरअंदाज कर घोर कट्टरवादी नेता ही हिमंता बिस्व सरमा को मुख्यमंत्री बनाए जाने का अर्थ और सन्देश होता है कि भाजपा में अब उदारवादियों और नरम किस्म के नेताओं और खासकर मुख्यमंत्रियों की जगह ही नहीं बचेगी | आम तौर पर राजनीति में यह सिद्धांत है कि जब देश में … Read more

भय मुक्त भारत और बेड़ियों से मुक्ति था गुरूदेव का सपना

– डा. सुजीत तिवारी गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर एक विलक्षण और अप्रतिम प्रतिभा के धनी होने के साथ-साथ एक बहुआयामी व्यक्तित्व के अधिकारी मनीषी थे। वे एक ही साथ महान साहित्यकार, समाज सुधारक, दार्शनिक, कलाकार एवं संस्थाओं के निर्माता भी थे। वह एक स्वप्न दृष्टा थे जिन्होंने भारत वर्ष के लिए अपने सपनों को साकार करने … Read more

(विशेष) असम विधानसभा चुनाव परिणाम के मायने

गुवाहाटी, 03 मई (हि.स.)। असम विधानसभा चुनाव परिणाम के कई मायने हैं। सीधे तौर पर परिणाम को इन अर्थों में लिया जा सकता है कि लोगों ने भारतीय जनता पार्टी सरकार के पांच वर्षों के कामकाज को सराहा है। सरकार के सभी मंत्रियों ने चुनाव में जीत दर्ज की है, लेकिन गठबंधन से अलग होकर … Read more

भगवान महावीर वर्तमान जैन शासन के नायक हैं

आज सभी महावीर जयंती मना रहे हैं। जयंती समारोह तो अच्छा है किंतु इस अवसर पर दो बातें सोचें। पहली तो यह कि महावीर ने किन प्रमुख सिद्धान्तों को प्रतिपादित किया है और उनका सत्य स्वरूप क्या है ? यह अध्ययन, उपदेश श्रवण व पठन-पाठन का विषय है। जिस ओर सभी की प्रवृत्ति सजग होनी चाहिए, … Read more

प्री वैडिंग शुटिंग को सामाजिक रूप से फिल्माया जाने से लोगों का भ्रम खत्म होगा

मैंने दो तीन साल से काफी अनापशनाप पोस्ट पढ़े कि आजकल शादी से पूर्व प्रीवैडिंग शुटिंग के नाम से घर वाले कंवारे जोङों को घुमने हिल स्टेशन पर भेज देते हैं वहां वो लोग शादी से पुर्व शारीरिक संबंध स्थापित कर लेते हैं जो आज की सभ्यता में असंभव भी नहीं है.ऐसा दशकों से हो … Read more