असम के हित में सरकार हिंदी शिक्षकों के पद विलुप्ति के बारे में पुनर्विचार करें

भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३४३ के तहत हिन्दी को  राजभाषा का दर्जा दिया  गया है। हिन्दी में  प़ढाई लिखाई  भारतीय राष्ट्र के लिए स्वाभिमान की बात है। असम भारतीय गणराज्य का अभिन्न अंग है, ऐसे में असम में भी लोग हिन्दी पढें- लिखे, इससे असम का गौरव बढ़ेगा | वर्तमान समय में असम के राष्ट्रवादी … Read more

असम में हिंदी के विरुद्ध साजिश पर हिन्दी भाषी संगठनों की चुप्पी चिंताजनक

पिछले दिनों से एक बात प्रकाश में आई है कि असम सरकार छठीं, सातवीं और आठवीं कक्षा में हिन्दी की अनिवार्यता खत्म करने के साथ ही मिडिल स्कूलों से हिन्दी शिक्षकों का पद निरस्त करने जा रही है। यानि असम में हिन्दी और हिन्दीभाषियों की अस्तित्व खतरे में दिख रहा है। इस मुद्दे पर हिन्दीभाषी … Read more

आइए सभी एक साथ बैठ कर विचार विमर्श करे, कुछ निर्णय लें 

आदरणीय संपादक जी, सादर नमस्कार। मै हिन्दी भाषा को लेकर राज्य सरकार के रवैए पर मेरा विचार रखना चाहता हूं। मुझे किसीको ज्ञान देना या किसीके भावनाओ को आहत करने का कोई इरादा नही है। फिर भी क्षमाप्रार्थी। और मै स्वयं को इस सुप्त समाज का एक सुप्त सदस्य मानते हुए आत्म- निन्दा करते हुए … Read more

हिंदी विद्यालयों के निर्णय को एक साल के लिए टाल देना चाहिए असम सरकार को

असम सरकार ने हिंदी विद्यालयों में छात्रों की घटती संख्या के कारण छठी सातवीं एवं आठवीं कक्षा को अन्य विद्यालयों की दुसरी भाषा के साथ शामिल करने तथा नये शिक्षकों की नियुक्ति पर भी प्रश्नचिन्ह लगाया है जो हिंदी पढने वाले छात्रों के साथ उचित नहीं होगा। असम विश्व विद्यालय में जो हिंदी पढकर डिग्रियाँ … Read more

आजादी के बाद से छठी, सातवीं और आठवीं में हिंदी की पढ़ाई हो रही है

असम सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना होगा   भारत स्वतंत्र होने के बाद से ही असम में छठीं, सातवीं और आठवीं कक्षा में हिन्दी अनिवार्य विषय है एवं प्रत्येक मिडिल स्कूल में एक हिन्दी शिक्षक की नियुक्ति की गई है।  असम के पूर्व सरकार ने हिन्दी के उन्नत्ति के लिए केंद्र-सरकार से सी.एस.एस. (सेंट्रल … Read more

हमारी व्यथा, बदं हो रहा है हिंदी स्कूल

आज हिन्दीभाषी समन्वय मंच शिलचर तथा सहयोगी संगठनों के द्वारा आयोजित हिन्दी माह के समापन कार्यक्रम में भाग लेने हम भी पहुँचे। कार्यक्रम बड़े भव्य तरीके से मनाया गया। अनेक वरिष्ठ बुद्धिजीवी, व्यवसायिक, सामाजिक कार्यकर्ता तथा गणमान्य साहित्यकारों, कवियों को सम्मानित किया गया। मुझे भी इसका सौभाग्य अचानक से प्राप्त हुआ। मुझे सम्मान प्रदान करने … Read more

कभी हफ्ते में मिलती थी प्रेरणा भारती…….

किसी भी कार्यक्रम के संबंधित विषय को जन जन तक पहुंचाने के लिए प्रचार-प्रसार का बड़ा महत्व होता है, इस हिन्दी माह के कार्यक्रमों का महीनों प्रचार प्रसार में सर्वश्री दिलीप कुमार जी, दैनिक पूर्वोदय से योगेश दूबे, युगशंख से रंजन सिंह, प्रेरणा भारती और ईशान बांग्ला व वीडियों एडिटिंग यशवंत पाण्डेय, रितेश नुनीया, गति … Read more

गिलहरी दान का महत्व अधिक यदि जरूरत मंद तक पहुंचे

विज्ञापन की दुनिया में सुनहरे सपनों को संजोने एवं आम के आम गुठलियों के दाम वसुलने वाले लोगों की कोई कमी नहीं है। सस्ती लोकप्रियता पाने एवं अखबार में फोटो छपवाने के फिराक में लोग छोटे छोटे दान करते हैं। एकबारगी गुस्सा तब शांत हो जाता है कि बेचारा कुछ तो किया। दस वंचित लोगों … Read more

20 सितम्बर/जन्म-दिवस गायत्री के आराधक : आचार्य श्रीराम शर्मा

गायत्री परिवार नामक संस्था के संस्थापक आचार्य श्रीराम शर्मा का जन्म 20 सितम्बर, 1911 को ग्राम आँवलखेड़ा (जिला आगरा, उ.प्र.) में हुआ था। यद्यपि वे एक जमींदार घराने में जन्मे थे; पर उनका मन प्रारम्भ से ही अध्यात्म साधना के साथ-साथ निर्धन एवं निर्बल की पीड़ा के प्रति संवेदनशील था। जब गाँव की एक हरिजन … Read more

जानिए पत्नी को वामांगी क्यों कहते है? – डा. बी. के. मल्लिक

पत्नी को वामंगी कहा गया है, जिसका अर्थ होता है बाएं अंग का अधिकारी। इसलिए पुरुष के शरीर का बायां हिस्सा स्त्री का माना जाता है। पत्नी ही पति के जीवन को पूरा करती है, उसे खुशहाली प्रदान करती है, उसके परिवार का ख्याल रखती है, और उसे वह सभी सुख प्रदान करती है जिसके … Read more