शब्द सृजन संस्थान का महाकाल साहित्य उत्सव उज्जैन में। (असम सिलचर की सुषमा पारख को मिलेगा महाकाल साहित्य सम्मान)

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी साहित्य के प्रचार प्रसार के लिये समर्पित संस्था शब्द सृजन संस्थान (पंजी.)के द्वारा आगामी 25 नवम्बर को महाकालेश्वर की पावन भूमि पर महाकाल साहित्य उत्सव मनाया जा रहा है। जिसमें देश के कोने कोने से साहित्यकार प्रतिभाग कर रहे हैं। संस्था के अध्यक्ष डॉ राजीव कुमार पाण्डेय एवं महासचिव ओंकार त्रिपाठी … Read more

उमेश चतुर्वेदी के लेख पर पाठकों के पत्र

उमेश भैया जी,  आपका इस लेख के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद और इसके साथ मैं ये भी कहूंगा जो डेलीगेट सरकार से बातें करने जा रहे हैं, वह सरकार से यह भी कहे की हिंदी उठाने से पहले जो हिंदी में अनुवाद किया गया हमारे शास्त्र हैं जैसे कि तुलसीकृत रामायण, महाभारत, गीता के शास्त्रीय संस्कृत श्लोक … Read more

असम सरकार द्वारा राष्ट्रभाषा हिन्दी का असम्मान हमें बर्दाश्त नहीं हैं।

हिंदी हमारी मातृभाषा है, मतलब हम अपने बोलचाल में इसका प्रयोग किया करते हैं। हम सब भारत माता के संतान हैं, और हिंदी हमारी भारत की राष्ट्रभाषा है। हमे इसका दर्जा नीचे  गिरने देना पाप होगा। हम जब जन्म लेते है, बोलना सिखते हैं तो अपनी मां के बोली से ही बोलना, चलना, लिखना, पढ़ना … Read more

हिंदी हमारे देश का पहचान

हिंदी भारत का एक मात्र भाषा जो विदेशों में भारत का पहचान दिलाती है। भारत का पहचान केवल मात्र हिंदी से है। असम सरकार को जातीय स्तर पर पहचान रखने के लिए हिंदी को अपनाना चाहिए। देश में हर जगह हिंदी बोल सकते है। राष्ट्रवाद हमारी पहचान और  अखंडता संप्रभुता के लिए हिंदी को अपनाना … Read more

असम के नागरिकों की सुरक्षा केंद्र और राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, राष्ट्र विरोधी अलगाववादी संगठन अल्फा से खतरा है – बीडीएफ

कल असम के अलगाववादी संगठन अल्फा की ओर से बराक को अलग करने की मांग को लेकर एक बयान मीडिया में प्रकाशित हुआ था. बराक डेमोक्रेटिक फ्रंट ने इस पर प्रतिक्रिया दी.   अल्फ़ा स्वाधीन नामक एक अलगाववादी संगठन ने कहा कि चूंकि बराकभूमि शुरू से ही कछारी राज्य का हिस्सा थी और इस भूमि … Read more

राज्य शिक्षा विभाग का राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रति सौतेली रवैया दूर्भाग्यपूर्ण।

भाषा मानव अस्तित्व की एक प्रमुख विशेषता है क्योंकि यह मनुष्यों को एक-दूसरे के साथ संवाद करने और उनके बीच संबंध विकसित करने में मदद करती है।भारत की मुख्य विशेषता यह है कि यहां विभिन्नता में एकता है। भारत में विभिन्नता का स्वरूप न केवल भौगोलिक है, बल्कि भाषायी तथा सांस्कृतिक भी है। यहां स्पष्ट … Read more

क्यों लड़कियों को पढ़ाने के लिए समाज गंभीर नहीं हैं?

भारती देवी पुंछ, जम्मू वर्षों बीत जाते हैं यह सुनते सुनते की किशोरियों और महिलाओं पर आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं. दुनिया में इतनी तरक्की हो रही है जिसमें महिलाओं एवं किशोरियों का विशेष योगदान रहा है. फिर भी आज 21वीं सदी में भी महिलाएं एवं किशोरियों सुरक्षित नहीं दिखाई देती हैं. लड़कियों के साथ … Read more

प्रिय संपादक जी,

मैं प्रेरणा भारती से जुड़ी एक महिला हूं, जो हिंदी भाषा के बारे में कुछ लिखना चाहती हूं l हिंदी हिंदुस्तान की” राष्ट्रभाषा” है, और हम सब भाई-बहन हैं जो कि इस देश में रहते हैं l इस देश के हर राज्यों में कई भाषाएं बोली जाती है जो हिंदी के माध्यम से ही जानी … Read more

असम सरकार द्वारा हिंदी पर प्रतिबंध, राष्ट्रीय एकता व अखंडता के क्षेत्र में एक असहनीय कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है।

राज्य सरकार की राष्ट्रभाषा की शिक्षा व्यवस्था विलुप्तिकरण, हिंदी शिक्षक पदों की विलुप्तिकरण, राष्ट्रीय एकता अखंडता के क्षेत्र में एक असहनीय कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है। हिंदी भाषा की स्वतंत्रता, राष्ट्रीय गरिमा से जुड़ी हुई है। हर समुदाय के लोगों द्वारा हिंदी में बातचीत, आपसी भावनाओं का आदान-प्रदान चल रहा है। अपना विचार … Read more

“वर्तमान परिदृश्य में युवा वर्ग का मानसिक स्वास्थ्य” प्रणबानंद इंटरनेशनल स्कूलके ने ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवसमें’ आलोचना

दिनांक – १०/ १०/ २०२३ को, सिलचर में प्रणबानंद इंटरनेशनल स्कूल ने एक महत्वपूर्ण और व्यावहारिक कार्यक्रम के साथ “विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस” मनाया।  इस अवसर पर स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. ‘पार्थ प्रदीप अधिकारी’ की उपस्थिति रही, जिन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर, विशेष रूप से बच्चों और किशोरों के संबंध में, एक विचारोत्तेजक अभिव्यक्ति … Read more