अश्व प्रत्याशा के रथ पर
अश्व प्रत्याशा के रथ पर , झंकृत है , अलंकृत है,, स्रोत जिसका संस्कृत है अन्वेषित है ,अभिप्रेषित है ज्योत जिसकी परिष्कृत है हिंदी ! , अश्व प्रत्याशा के रथ पर , विश्व भाषा के पथ पर उन्नत है, प्रेरित है, सृजन जिसकी विस्तृत है। गूँजित है, प्रवाहित है, अक्षरों में उज्ज्वलित है। हिंदी ! … Read more