संविधान
मैं भारत का संविधान हूं ! अधिकारों की उज्ज्वल रौशनी लेकर, कर्तव्यों की राह दिखाता हूं। जाति-धर्म से ऊपर उठकर,सबको समान रखता हूं। न्याय, स्वतंत्रता, समता की मिट्टी से जन्मा। गाँधी, अम्बेडकर के सपनों को सच्चा रूप देता। किताब मात्र नहीं , भारत की आत्मा का स्वर प्यारा। लोकतंत्र का दीप जलाता हर जन-मन में … Read more