नीम की छांव
पहाड़ों की गोद में बसा एक छोटा-सा गाँव था, शांति से भरा, लेकिन अभावों से जूझता। वहीं रहता था एक साधारण किंतु असाधारण इंसान धीरज। नाम जैसा स्वभाव। वह लकड़हारा था, लेकिन उसकी आत्मा सेवा की लकड़ियाँ नहीं, करुणा के फूल काटती थी। हर सुबह वह अपनी कुल्हाड़ी उठाकर जंगल की ओर निकल जाता, सूखी … Read more