अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी जैन समता युवा संघ ने अन्न दानं कार्यक्रम आयोजित किया
भगवान महावीर ने अपनी अमृतवाणी में फरमाया हैं कि “जे गिल्लाणं पडीहरई से मम पडीहरई” यानि जो व्यक्ति दीन दुखियों की सेवा करता हैं वो मेरी सेवा करता हैं। परम पूज्य आचार्य प्रवर 1008 श्री रामलालजी म.सा भी अपने क्रांतिकारी प्रवचनों में स्वधर्मी सहयोग एवं मानव सेवा का आदर्श उपस्थित कर चुके हैं। वर्तमान समय … Read more