मन की शांति कर्तव्यों का पालन और ईश्वर स्मरण से मिलती हैं : पुंडरीक गोस्वामी

गड़वार(बलिया) धर्म का मतलब सिर्फ मंदिर जाना या पूजा-पाठ करना नहीं है। इसकी असली परीक्षा मनुष्य के व्यवहार और दूसरों के प्रति उसके आचरण में हैं।अहंकार,ईर्ष्या और द्वेष मन में रहने पर भक्ति अधूरी है। उक्त बातें श्री जंगली बाबा धाम ट्रस्ट गड़वार के तत्वाधान में आयोजित हरिहरात्मक महायज्ञ में वृन्दावन से पधारे अन्तर्राष्ट्रीय कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी ने मानस मंच से प्रवचन पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु श्रोतागणों से कथा के दौरान कही। उन्होंने श्रद्धालुओं को भक्ति,धर्म और जीवन के उद्देश्य बताए। उन्होंने बताया कि कथा मुश्किल हालात में विश्वास,धैर्य और सदाचार बनाए रखने की सीख देती है। धन,पद का अहंकार सच्चा सुख नहीं दे सकता। मन की शांति कर्तव्यों का पालन और ईश्वर स्मरण से मिलती हैं। सत्संग की सीख जीवन में बदलाव लाए,यही अहम है।श्री जंगली बाबा धाम सेवा ट्रस्ट के संयोजक पंडित राहुल जी ने बताया कि यज्ञ को लेकर पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। यज्ञाचार्य सच्चा बाबा आश्रम प्रयागराज के सानिध्य में समस्त वैदिक कार्य संपादित हो रहे हैं। वहीं यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के लिए श्रद्धालुओं का सुबह से ही तांता लगा रहा। यज्ञ स्थल पर मेला सा नजारा देखने को मिल रहा है। यहां मनोरंजन के लिए कई प्रकार के झूले,ब्रेक डांस, मिठाई की दुकानें समेत दर्जन भर दुकानें सजी हैं।

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