शिलचर, 30 अक्टूबर। श्रीभूमि की घटना को लेकर बराक घाटी के बंगाली समुदाय के लोगों को बांग्लादेशी कहे जाने के विरोध में शुक्रवार को शिलचर में विभिन्न समुदायों के लोगों ने प्रदर्शन किया। शिलचर जिला आयुक्त कार्यालय के सामने आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बंगाली, मणिपुरी सहित विभिन्न समुदायों के स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि गत 23 अक्टूबर को श्रीभूमि जिले में हिंदुस्तान क्लब के तत्वावधान में दुर्गापूजा के बाद आयोजित एक कार्यक्रम में हुई अप्रिय घटना, मीडिया में सामने आए शिक्षिका एवं उनके परिवार के सदस्यों पर अत्याचार के आरोप तथा बराक घाटी के बंगाली समुदाय को लक्ष्य कर की गई अपमानजनक टिप्पणियों के खिलाफ वे निष्पक्ष जांच और उचित न्याय की मांग कर रहे हैं। इस अवसर पर कछार के जिला आयुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया।
ज्ञापन में शिक्षिका के साथ कथित उत्पीड़न की निष्पक्ष जांच, वीडियो साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के कारणों की पड़ताल तथा दोनों पक्षों के प्रति समान दृष्टिकोण अपनाते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। इसके अलावा एनआरसी और नागरिकता कानून लागू होने के बाद भी बंगालियों को बांग्लादेशी कहे जाने के औचित्य पर केंद्र एवं राज्य सरकार से जवाबदेही की मांग की गई।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि मुख्यमंत्री के एक बयान के बाद से राज्य में जातीय विद्वेष और बंगाली विरोधी मानसिकता बढ़ रही है। उन्होंने बराक घाटी के 11 विधायकों, दो मंत्रियों, चार सांसदों और 42 पार्षदों की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री की ओर से इस मामले में स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं दिया गया और बंगाली विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।