श्रीभूमि की घटना की निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करने की मांग : ‘बंगला साहित्य सभा, असम’

श्रीभूमि : दुर्गापूजा की प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा को लेकर गत 23 अक्टूबर को श्रीभूमि में हुई अप्रिय घटना और उसके बाद उत्पन्न परिस्थितियों पर ‘बंगला साहित्य सभा, असम’ ने गहरी चिंता व्यक्त की है।

संगठन की केंद्रीय समिति ने घटना के अगले दिन प्रारंभिक जानकारी के आधार पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि असम के राष्ट्रीय उत्सव बिहू के साथ राज्य के बंगाली समाज की भावनाएं गहराई से जुड़ी हैं। इसलिए बिहू संस्कृति का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। संगठन ने इस तरह की घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।

हालांकि, बाद में सामने आई जानकारियों और शोभायात्रा के विस्तृत विवरणों का अवलोकन करने के बाद संगठन ने घटना की शीघ्र एवं निष्पक्ष जांच कर न्याय सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

जानकारी के अनुसार, आयोजक संस्था ‘क्लब हिंदुस्तान’ ने अपने पूजा पंडाल में कलागुरु विष्णुप्रसाद राभा, भारत रत्न भूपेन हजारिका और असम के लोकप्रिय कलाकार जुबीन गर्ग के विशाल चित्र लगाए थे। सांस्कृतिक एकता का संदेश देने के उद्देश्य से पूजा समिति ने विभिन्न भाषाओं के संगीत और रंगारंग नृत्य के साथ शोभायात्रा का आयोजन किया था। लगभग तीन घंटे तक शहर का भ्रमण करने के बाद विसर्जन घाट पहुंचने पर विवाद और मारपीट की घटना शुरू हुई।

‘बंगला साहित्य सभा’ के अनुसार, इस अप्रिय घटना का किसी समुदाय या संस्कृति के अपमान से कोई संबंध नहीं है। सोशल मीडिया पर प्रसारित विभिन्न वीडियो में दोनों पक्षों के बीच मारपीट के दृश्य सामने आए हैं। श्रीभूमि की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लीना डोले ने प्रारंभिक जांच के बाद मीडिया को स्पष्ट किया है कि यह घटना अत्यधिक शराब सेवन के कारण हुए विवाद का परिणाम थी और इसका बिहू विरोध से कोई संबंध नहीं था। पूजा समिति ने बिहू नृत्य प्रस्तुत करने के लिए ही कलाकारों को आमंत्रित किया था और कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था।

संगठन ने कहा कि सोशल मीडिया पर अधूरे और एकपक्षीय वीडियो प्रसारित किए जाने से पूरे राज्य में तीखी प्रतिक्रिया पैदा हुई। इसके माध्यम से राज्य के दो प्रमुख भाषाई समुदायों के बीच लंबे समय से कायम सौहार्दपूर्ण संबंधों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। ‘बंगला साहित्य सभा, असम’ ने इस तरह के दुष्प्रचार की कड़ी निंदा की है।

संगठन के राज्य सहायक महासचिव (बराक) संदीपन दत्त पुरकायस्थ और श्रीभूमि जिला शाखा के महासचिव शुभ्रांशु प्रकाश डे ने प्रशासन से शीघ्र एवं निष्पक्ष जांच कर दोनों पक्षों के वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि किसी निर्दोष व्यक्ति को पुलिस उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।

Leave a Comment