गुरुचरण विश्वविद्यालय के सभागार में होगा मुख्य समारोह, देशभर में एक करोड़ लोगों को ‘हितचिंतक’ बनाने का लक्ष्य
प्रेरणा भारती, शिलचर, 30 अक्टूबर: विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख सूत्रधार स्वर्गीय अशोक सिंघल की 100वीं जयंती के अवसर पर वर्षव्यापी कार्यक्रमों की शुरुआत आगामी 1 नवंबर को शिलचर में होगी। इस सिलसिले में गुरुवार को शहर के आश्रम रोड स्थित विश्व हिंदू परिषद के कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया।
संवाददाता सम्मेलन में विश्व हिंदू परिषद के दक्षिण-पूर्व प्रांत अध्यक्ष शांतनु नायक, प्रांत मंत्री गोपीव्रत गोस्वामी, उपाध्यक्ष असीमा भट्टाचार्य, क्षेत्र धर्म प्रसार प्रमुख पूर्णचंद्र मंडल, दक्षिण-पूर्व प्रांत धर्म प्रसार प्रमुख परेश प्रजापति, मध्य कछार जिला अध्यक्ष सौमित्र विश्वास तथा प्रांत टोली के सदस्य डॉ. सुब्रत नंदी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर प्रांत अध्यक्ष शांतनु नायक ने बताया कि 1 नवंबर, रविवार को सुबह 11:30 बजे शिलचर स्थित गुरुचरण विश्वविद्यालय के सभागार में अशोक सिंघल की स्मृति में वर्षव्यापी कार्यक्रमों का विधिवत शुभारंभ होगा। इसके बाद जिला एवं प्रखंड स्तर पर भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल विश्व हिंदू परिषद के संगठनात्मक विस्तार और अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन को व्यापक स्वरूप देने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल थे। बजरंग दल एवं दुर्गा वाहिनी के संगठनात्मक विकास में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
शांतनु नायक ने बताया कि आगामी 22 नवंबर से 6 दिसंबर 2026 तक देशभर में 15 दिवसीय ‘हितचिंतक अभियान’ चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत दक्षिण-पूर्व प्रांत के गांवों, कस्बों और शहरों में भी लोगों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 के अभियान में देशभर में लगभग 72 लाख लोग जुड़े थे। इस बार एक करोड़ लोगों को हितचिंतक के रूप में जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
क्षेत्र धर्म प्रसार प्रमुख पूर्णचंद्र मंडल ने अशोक सिंघल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 27 सितंबर 1926 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुआ था। वर्ष 1950 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से धातुकर्म इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में अपना सार्वजनिक जीवन शुरू किया। बाद में उन्होंने विश्व हिंदू परिषद में कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया।
उन्होंने कहा कि एकात्मता रथयात्रा सहित विभिन्न अभियानों के माध्यम से अशोक सिंघल ने देशभर में संगठनात्मक एवं सामाजिक जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से राम जन्मभूमि आंदोलन में उनके नेतृत्व, संगठन क्षमता और समर्पण को सदैव याद किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, 1 नवंबर को आयोजित मुख्य समारोह में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सह-संगठन मंत्री गोपालजी, क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ. दिनेश तिवारी, राज्य मंत्री कौशिक राय तथा भारत सेवाश्रम संघ के उत्तर-पूर्व क्षेत्र के प्रभारी स्वामी साधनानंदजी महाराज सहित कई विशिष्ट अतिथियों के उपस्थित रहने की संभावना है। समारोह दोपहर लगभग 1:30 बजे तक चलेगा।
विश्व हिंदू परिषद ने शिलचर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों एवं पत्रकारों से समारोह में उपस्थित होकर स्वर्गीय अशोक सिंघल को श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है।