बाल विवाह विरोधी अभियान में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, रामकृष्णनगर में 14 गिरफ्तार

अभिजीत बनिक, रामकृष्णनगर, 29 अक्टूबर:

असम में बाल विवाह के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई के बीच श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर को-डिस्ट्रिक्ट में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रातभर चलाए गए अभियान के दौरान कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें राताबाड़ी थाना क्षेत्र से 10 और रामकृष्णनगर थाना क्षेत्र से चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार रात से शुरू हुए अभियान के बाद मंगलवार को सभी गिरफ्तार लोगों को अदालत में पेश किया गया। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई इस कार्रवाई को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है। दोनों थाना क्षेत्रों में एक साथ की गई पुलिस की कार्रवाई को बाल विवाह की रोकथाम की दिशा में प्रशासन की सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राताबाड़ी थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाकर 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों की पहचान रासेल अहमद, ताहिर अहमद, जसीम उद्दीन, अब्दुल जलील, कासिम अली, फकरुल इस्लाम, तासिर अली, रासेल अहमद तापादार, निजाम उद्दीन और जैनल हक के रूप में हुई है। बताया गया है कि बाल विवाह से संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई के उद्देश्य से पुलिस ने यह अभियान चलाया। हालांकि, प्रत्येक गिरफ्तार व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए विशिष्ट आरोपों और संबंधित मामलों के विस्तृत तथ्यों की जानकारी पुलिस की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई है।दूसरी ओर, रामकृष्णनगर थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने अलग से अभियान चलाकर चार लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान शाहिद अहमद, शमसुल इस्लाम, जाकिर हुसैन और एबादुर रहमान के रूप में हुई है। इस प्रकार, राताबाड़ी और रामकृष्णनगर थाना क्षेत्रों में की गई संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या 14 हो गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को सभी को अदालत में पेश किया गया। हालांकि, इन मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच की विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है। उल्लेखनीय है कि असम में बाल विवाह की रोकथाम को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की सरकार कई बार सख्त रुख अपनाने की बात कह चुकी है। नाबालिगों के विवाह जैसी सामाजिक समस्या पर अंकुश लगाने के लिए कानून के तहत कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।बाल विवाह के कारण कम उम्र में बच्चों, विशेषकर किशोरियों, की शिक्षा प्रभावित होती है। इसके साथ ही उनके स्वास्थ्य, व्यक्तिगत विकास और भविष्य की संभावनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कम उम्र में विवाह और मातृत्व के कारण विभिन्न सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी उत्पन्न हो सकते हैं। ऐसे में बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ परिवार, समाज, शिक्षण संस्थानों और स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना भी आवश्यक माना जाता है। समाज के सभी वर्गों की भागीदारी से ही इस समस्या का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सकता है।रामकृष्णनगर को-डिस्ट्रिक्ट में 14 लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब संबंधित मामलों की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर लोगों की निगाहें टिकी हैं। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में बाल विवाह की रोकथाम और प्रशासन की भूमिका को लेकर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है। हालांकि, किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी अपने आप में उसके अपराध का प्रमाण नहीं है। संबंधित आरोपों की सत्यता का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही होगा। कुल मिलाकर, रामकृष्णनगर को-डिस्ट्रिक्ट में पुलिस की इस कार्रवाई ने बाल विवाह के खिलाफ कानूनी कदमों और सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता को फिर से रेखांकित किया है। बाल विवाह जैसी कुरीति को समाप्त करने के लिए कानून का प्रभावी क्रियान्वयन और समाज की सामूहिक भागीदारी, दोनों ही महत्वपूर्ण हैं।

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