गभरूपाथर दुर्गा पूजा की ‘बदला’ थीम ने उजागर की पशुओं के प्रति क्रूरता

डिब्रूगढ़: अपनी प्लैटिनम जुबली के अवसर पर डिब्रूगढ़ की गभरूपाथर दुर्गा पूजा समिति ने इस वर्ष ‘बदला’ शीर्षक से एक विचारोत्तेजक थीम प्रस्तुत की है। इस थीम के माध्यम से मनुष्यों द्वारा पशुओं पर किए जाने वाले अत्याचार, शोषण और क्रूरता की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया है।

सत्ता के काल्पनिक उलटफेर पर आधारित इस पूजा पंडाल में एक ऐसी दुनिया की कल्पना प्रस्तुत की गई है, जहां पशु शक्तिशाली होकर पृथ्वी पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लेते हैं और पीढ़ियों से मनुष्यों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार का बदला लेने के लिए उठ खड़े होते हैं। यह अवधारणा आगंतुकों के सामने एक गंभीर सवाल रखती है—यदि मनुष्यों की क्रूरता का शिकार होने वाले पशु ही अपने उत्पीड़कों के खिलाफ खड़े हो जाएं, तो क्या होगा?

इस अनूठी प्रस्तुति के माध्यम से आयोजकों का उद्देश्य करुणा, सह-अस्तित्व और बेजुबान जीवों के प्रति मनुष्य की जिम्मेदारी का सशक्त संदेश देना है। यह थीम इस बात पर जोर देती है कि प्रत्येक जीव सम्मान और गरिमा का अधिकारी है तथा अनियंत्रित क्रूरता के विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।

पूजा समिति के एक आयोजक ने बताया कि प्लैटिनम जुबली को सार्थक तरीके से मनाने के उद्देश्य से इस थीम का चयन किया गया है। आयोजक के अनुसार, ‘बदला’ का विचार केवल प्रतिशोध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता को आईना दिखाने का एक प्रयास है। इसका उद्देश्य लोगों को समय रहते अपने व्यवहार और कार्यों पर आत्ममंथन करने के लिए प्रेरित करना है।

कलात्मक अभिव्यक्ति को एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश के साथ जोड़कर गभरूपाथर दुर्गा पूजा समिति इस वर्ष के आयोजन को केवल धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव तक सीमित नहीं रखना चाहती। इस पहल के माध्यम से पशुओं के प्रति दया और संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों को अन्य जीवों के साथ अपने संबंधों पर पुनर्विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इस प्रकार, प्लैटिनम जुबली का यह आयोजन आस्था, रचनात्मकता और सामाजिक जागरूकता का संगम बन गया है। उत्सव के मंच का उपयोग करते हुए समिति ने करुणा, पशु-प्रेम और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का संदेश देने की पहल की है।

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