[भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा १६३ लागू; उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत होगी कानूनी कार्रवाई]
जोरहाट: सामाजिक संगठनों, त्योहारों और बैठकों के नाम पर अवैध एवं जबरन चंदा वसूली पर अंकुश लगाने के लिए जोरहाट की जिला मजिस्ट्रेट जय शिवानी ने जिले भर में जबरन धन संग्रह पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), २०२३ की धारा १६३ के तहत यह निषेधाज्ञा जारी की गई है। प्रशासन ने यह कदम इस चिंता के मद्देनजर उठाया है कि जबरन चंदा वसूली की घटनाओं से सार्वजनिक शांति एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही आर्थिक गतिविधियों, व्यापारिक माहौल और आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
जारी निर्देश के अनुसार, कोई भी व्यक्ति चंदा, योगदान या किसी अन्य बहाने से आम लोगों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, संस्थानों अथवा सड़कों पर चलने वाले वाहनों से जबरन धन वसूल नहीं कर सकेगा।
यह आदेश जोरहाट जिले में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निर्देश के अनुसार, आदेश का उल्लंघन करते हुए जबरन धन वसूली करने के मामले को जबरन वसूली यानी उगाही से संबंधित अपराध के रूप में देखा जा सकता है। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), २०२३ की धारा २२३ के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के इस कदम का उद्देश्य जबरन चंदा वसूली की प्रथाओं पर रोक लगाना, आम नागरिकों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के हितों की रक्षा करना तथा जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।