प्रीतम दास हाइलाकांदी, ८ अक्टूबर: सूचना का अधिकार अधिनियम २००५ के संबंध में सरकारी अधिकारियों में जागरूकता बढ़ाने तथा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से हाइलाकांदी में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सूचना का अधिकार कानून सप्ताह के तहत असम सूचना आयोग की पहल तथा हाइलाकांदी जिला प्रशासन के सहयोग से गुरुवार को आवर्त भवन स्थित रवींद्रनाथ ठाकुर सभाकक्ष में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी दिन विभिन्न सरकारी विभागों से संबंधित सात आरटीआई आवेदनों की सुनवाई भी हुई।
सुबह ११ बजे शुरू हुए कार्यक्रम में राज्य सूचना आयुक्त तथा सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी भारत भूषण देव चौधरी का स्वागत हाइलाकांदी के जिला आयुक्त जय विकास (आईएएस) ने किया। जिला प्रशासन की ओर से दोनों अतिथियों का औपचारिक रूप से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न सरकारी विभागों के आरटीआई शाखाओं के प्रभारी अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला आयुक्त जय विकास ने सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच सूचना का अधिकार अधिनियम के संबंध में स्पष्ट एवं समुचित जानकारी होने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कानून के उचित अनुपालन और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से आम जनता के सूचना पाने के अधिकार को सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से आरटीआई से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं के प्रति अधिक जागरूक रहने का आह्वान किया।जागरूकता कार्यक्रम में अधिवक्ता अमृता जैन ने सूचना का अधिकार अधिनियम २००५ के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। वहीं ऑनलाइन माध्यम से किस प्रकार सूचना एकत्र कर उसे आवेदकों तक उपलब्ध कराया जा सकता है इस संबंध में विनायक डेका ने प्रशिक्षण प्रदान किया।राज्य सूचना आयुक्त भारत भूषण देव चौधरी ने अपने संबोधन में सूचना का अधिकार अधिनियम के उद्देश्य सरकारी विभागों की जिम्मेदारियों तथा आरटीआई आवेदनों के आधार पर सूचना उपलब्ध कराने की निर्धारित प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।इसके बाद आयोजित संवाद सत्र में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने आरटीआई से संबंधित अपने अनुभवों और विभिन्न समस्याओं को साझा किया। चर्चा के माध्यम से कानून के क्रियान्वयन तथा सूचना उपलब्ध कराने से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को स्पष्ट किया गया।वहीं जागरूकता कार्यक्रम के साथ साथ विभिन्न सरकारी विभागों में दाखिल कुल सात आरटीआई आवेदनों की सुनवाई भी इस दिन की गई। सहायक आयुक्त किशन चरई ने बताया कि जनता द्वारा दायर आवेदनों के आधार पर इन मामलों की सुनवाई पूरी की गई।