सौमित्रम् की पुस्तक ‘असम के भूले-बिसरे व्यक्तित्व’ का विमोचन 

गुवाहाटी, 8 अक्तूबर। महानगर के रूपनगर स्थित असम राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के कार्यालय में आज सौमित्रम् की पुस्तक ‘असम के भूले-बिसरे व्यक्तित्व’ का विमोचन हुआ। उक्त पुस्तक का विमोचन असम राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के मंत्री डाॅ. क्षीरदा कुमार सैकिया ने किया। इस अवसर पर डाॅ. सैकिया के अतिरिक्त विशिष्ट साहित्यकार डॉ. सुधा श्रीवास्तव, कॉटन कॉलेज के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अमूल्य चंद्र बर्मन, असम राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के साहित्य सचिव रामनाथ प्रसाद, परीक्षा सचिव डॉ. राजीव सैकिया तथा वित्त सचिव डॉ. रूपामणि सैकिया उपस्थित थीं। इस दौरान सभी वक्ताओं ने पुस्तक की सराहना करते हुए इसे अत्यंत पठनीय एवं संग्रहणीय बताया। साथ ही वक्ताओं ने सौमित्रम् की भी प्रशंसा की। वक्ताओं ने कहा कि सौमित्रम् ने जन्मभूमि से अधिक कर्मभूमि को महत्व दिया है, यही कारण है कि इन्होंने असम की पृष्ठभूमि पर 10 पुस्तकों की रचना की है। कर्मभूमि के प्रति इनकी यह निष्ठा काफी सराहनीय है। इसके साथ ही असमिया साहित्य एवं संस्कृति के संदर्भ में हिंदी में पुस्तक प्रकाशित होने से हिंदीपट्टी के लोगों को असम को समझने में काफी सुविधा होगी। इन्होंने असमिया साहित्य एवं संस्कृति का प्रचार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जो प्रशंसनीय है। मालूम हो कि ‘असम के भूले-बिसरे व्यक्तित्व’ नामक पुस्तक सौमित्रम् की 16वीं पुस्तक है, जो दिल्ली से प्रकाशित हुई है। इसमें असम के 42 महत्वपूर्ण लोगों का व्यक्तित्व एवं कृतित्व को शामिल किया गया है।

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