डिब्रूगढ़,७ अक्टूबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ७६वें जन्मदिन और उनके सार्वजनिक जीवन के २५ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित महीने भर चलने वाले कार्यक्रम के तहत बुधवार को डिब्रूगढ़ के खानिकार खेल मैदान में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया।
‘विकसित भारत संकल्प सभा – सेवा ज्योति कलश यात्रा’ शीर्षक से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में सेवा, समर्पण, त्याग और राष्ट्र निर्माण का संदेश प्रमुख रहा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को दोहराया।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, असम के मंत्री बिमल बोरा और रामेश्वर तेली, राज्यसभा सांसद तेराश गोवाला, विधायक तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सभा को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया।
प्रधानमंत्री मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में २५ वर्ष पूरे करने पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “भारत के आदर्शवादी नेता और दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले २५ वर्षों में समर्पण और ईमानदारी के साथ देश की सेवा की है। उन्होंने राष्ट्र और जनता के हित में कार्य किया है। इसके परिणामस्वरूप आज भारत जागृत हो चुका है”
७ अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर में विशेष महत्व रखता है। इसी दिन वर्ष २००१ में उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके साथ ही उनके सार्वजनिक जीवन में सरकार के प्रमुख के रूप में २५ वर्षों की यात्रा की शुरुआत हुई थी।
डिब्रूगढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न हिस्सों से पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और नेता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाला एक विशाल बैनर तथा ‘विकसित भारत’ के संकल्प का प्रतीक कलश प्रमुख रूप से प्रदर्शित किया गया।
सेवा ज्योति कलश यात्रा ने सेवा और समर्पण के आदर्शों को रेखांकित करते हुए लोगों से समाज के प्रत्येक वर्ग तक जनसेवा की भावना पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य में योगदान देने की सामूहिक शपथ भी ली।
सभा का समापन सेवा की भावना को और मजबूत करने तथा ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने के नए संकल्प के साथ हुआ।
कार्यक्रम का केंद्रीय संदेश रहा—
“सेवा, समर्पण और संकल्प के २५ वर्ष — एक लक्ष्य, विकसित भारत।”