दुर्गापूजा के अवसर पर तीन दिवसीय महिला उद्यमी प्रदर्शनी एवं बिक्री मेले का शुभारंभ 

शिलचर, 7 अक्टूबर: दुर्गापूजा के अवसर पर शिलचर कछार क्लब के कॉन्फ्रेंस हॉल में बुधवार शाम आर.आर. फैशन के तत्वावधान में तीन दिवसीय आकर्षक फैशन प्रदर्शनी एवं बिक्री मेले का शुभारंभ हुआ। यह मेला 7 से 9 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9:30 बजे तक चलेगा।

मंगलिक पंचदीप प्रज्वलित कर तथा मां दुर्गा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर विशिष्ट व्यवसायी एवं समाजसेवी स्वर्णाली चौधरी ने मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर समाजसेवी सुमिता चौधरी एवं पल्लविता शर्मा भी उपस्थित थीं।

मेले में कुल 40 स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें स्थानीय महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित बैग, मोमबत्तियां, सौंदर्य प्रसाधन सामग्री, अर्ध-मूल्यवान पत्थरों से बने ब्रेसलेट एवं अंगूठियां, आधुनिक साड़ियां और परिधान, ऊन से बने हस्तनिर्मित कपड़े, होममेड केक तथा विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ प्रदर्शित एवं बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए स्वर्णाली चौधरी ने कहा कि दुर्गा केवल देवी नहीं, बल्कि शक्ति की प्रतीक हैं। वह नारीशक्ति, सृजन और आत्मविश्वास का प्रतीक हैं। इसलिए दुर्गापूजा के इस अवसर पर महिलाओं, उनके कार्यों और उनकी प्रगति की बात करना बेहद प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाएं अपनी प्रतिभा और दक्षता के बल पर आगे बढ़ रही हैं। कोई संगीत, नृत्य और कला के क्षेत्र में, तो कोई व्यवसाय एवं प्रदर्शनी के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही है। यही महिला सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण पहलू है। इस पहल को अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाकर आत्मनिर्भरता की राह को मजबूत करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।

सुमिता चौधरी ने आर.आर. फैशन के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि महज दो महीने के भीतर 40 स्टॉल के साथ आगे बढ़ना उनकी मेहनत, लगन और सभी के प्रति समान दृष्टिकोण का प्रमाण है। यह आयोजन सभी के लिए प्रेरणा और उदाहरण है। उन्होंने कामना की कि आने वाले दिनों में 40 स्टॉल बढ़कर 80 या उससे अधिक हों और यह सुंदर पहल बड़े स्तर पर आगे बढ़े।

पल्लविता शर्मा ने कहा कि बराक घाटी में महिला उद्यमियों के लिए जिस तरह नए व्यवसायिक एवं रचनात्मक अवसर तैयार हो रहे हैं, वह बेहद आशाजनक है। महिला सशक्तीकरण के लिए निरंतरता, नियमित प्रयास और समर्पण के साथ काम करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अधिकांश महिला उद्यमियों पर परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियां हैं तथा कई महिलाएं नौकरी भी करती हैं। इन जिम्मेदारियों के बीच समय निकालकर अपनी प्रतिभा को व्यावसायिक पहल में बदलना प्रशंसनीय है।

उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि महिलाएं केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं बन रही हैं, बल्कि अपनी अलग पहचान भी बना रही हैं। जब कोई महिला अपनी पहचान और अपने पैरों पर खड़ी होती है, तो यह केवल उसकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे समाज की प्रगति का संकेत है।

आर.आर. फैशन की ओर से ऋद्धि दे ने सभी को प्रदर्शनी में आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि यहां कई प्रतिभाशाली और उद्यमी महिलाओं के सुंदर उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। इस वर्ष करीब 10 नई महिलाएं इस पहल से जुड़ी हैं। हर वर्ष पांच से दस नए सदस्यों के जुड़ने से आर.आर. फैशन का परिवार लगातार बड़ा हो रहा है।

कार्यक्रम में अर्पिता देवाशीष, मीनाक्षी दास, अर्पिता चौधरी, बासबी राय, नवनीता दत्त सेनगुप्ता सहित बड़ी संख्या में महिला उद्यमी उपस्थित रहीं।

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