डिब्रूगढ़: लाहोवाल एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) परियोजना के तहत लाहोवाल सामुदायिक भवन में नौवें राष्ट्रीय पोषण माह २०२६ के अवसर पर एक परियोजना स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा एनीमिया की रोकथाम पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन डिब्रूगढ़ की उप विकास आयुक्त नंदिता बरुआ ने किया। इस अवसर पर पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और आईसीडीएस सेवाओं तक लाभार्थियों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनीमिया जांच शिविर आयोजित किया गया। इसके अलावा आधार नामांकन एवं सुविधा शिविर भी लगाया गया। लाभार्थियों को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत सहायता प्रदान की गई।
कार्यक्रम में पोषण मेला भी लगाया गया, जिसमें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन किया गया। स्वस्थ पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए व्यंजन, नारा लेखन तथा आशुभाषण प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण गंभीर तीव्र कुपोषण (एसएएम) से पीड़ित एक बच्चे की सफलता की कहानी रही। बच्चे को उपचार के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भेजा गया था। इसके बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा नियमित रूप से घर का दौरा कर बच्चे की स्थिति की निगरानी और फॉलो-अप किया गया। निरंतर देखभाल एवं निगरानी के परिणामस्वरूप बच्चा स्वस्थ हुआ और उसकी पोषण स्थिति सामान्य हो गई।
बच्चे का उत्साह बढ़ाने के लिए डिब्रूगढ़ के जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रशांत बोरा ने उसे फल की टोकरी प्रदान की।
कार्यक्रम में लाहोवाल के खंड विकास अधिकारी कुबाद अहमद चौधरी, एसडीएम एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बिनु सावशी, एपी अध्यक्ष हेमा प्रभा फुकन टासा, लाहोवाल की ग्राम पंचायत अध्यक्ष अनीता भूमिज, समाजसेवी बिंदु गोगोई तथा असम आदित्य के संवाददाता उज्ज्वल सैकिया सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
इसके अलावा जिला डीएचईडब्ल्यू टीम, पोषण एवं यूनिसेफ समन्वय टीम, बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ), सेक्टर पर्यवेक्षक, ब्लॉक समन्वयक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के साथ-साथ स्थानीय समुदाय के सदस्यों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।