डिब्रूगढ़: डिब्रूगढ़ हवाई अड्डे पर ऑटोमेटिक डिपेंडेंट सर्विलांस-ब्रॉडकास्ट (एडीएस-बी) प्रणालियों पर पांच दिवसीय संचालन एवं रखरखाव (ओ एंड एम) प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह कार्यक्रम भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में इस स्तर और तकनीकी व्यापकता का अपनी तरह का पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम है।
यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम ५ से ९ अक्टूबर, २०२६ तक आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्घाटन डिब्रूगढ़ हवाई अड्डे के एयरपोर्ट निदेशक बांगजीत साहा की उपस्थिति में किया गया।
प्रशिक्षण रूस की मूल उपकरण निर्माता कंपनी (ओईएम) निटा के विशेषज्ञ इंजीनियरों द्वारा सीधे प्रदान किया जा रहा है। कार्यक्रम में निटा के सोनार मॉडल एडीएस-बी उपकरणों की स्थापना, संचालन और रखरखाव से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
देश के विभिन्न हवाई अड्डों से तकनीकी कर्मियों तथा संचार, नेविगेशन एवं निगरानी (सीएनएस) इंजीनियरों ने डिब्रूगढ़ पहुंचकर इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया है।
इस पहल का उद्देश्य हवाई नेविगेशन बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, तकनीकी दक्षता एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना तथा देश के विभिन्न हवाई अड्डों पर एडीएस-बी प्रणालियों के रखरखाव की मानकीकृत प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करना है।
एडीएस-बी तकनीक एक उन्नत निगरानी प्रणाली है, जो पारंपरिक सेकेंडरी सर्विलांस रडार (एसएसआर) की पूरक तकनीक के रूप में काम करती है और कई अनुप्रयोगों में इसका विकल्प भी बन सकती है। एडीएस-बी से लैस विमान अपने ऑनबोर्ड नेविगेशन सिस्टम से प्राप्त वास्तविक समय की जानकारी को रेडियो प्रसारण के माध्यम से ग्राउंड स्टेशनों और अन्य विमानों तक स्वतः भेजते हैं।
डिब्रूगढ़ हवाई अड्डे पर इस विशेष ओईएम प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पूर्वोत्तर क्षेत्र में विमानन बुनियादी ढांचे और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।