डिब्रूगढ़, 6 अक्टूबर। असम के डिब्रूगढ़ निवासी मुरारी केडिया द्वारा महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव एवं महापुरुष गुरु माधवदेव के जीवन और उनके एकशरणिया धर्म-दर्शन पर हिंदी में लिखित दो लघु पुस्तिकाओं का मथुरा स्थित नामघर में 4 अक्टूबर को श्रद्धालुओं के बीच निःशुल्क वितरण किया गया।
इन पुस्तिकाओं का उद्देश्य महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव एवं गुरु माधवदेव के जीवन, दर्शन और एकशरणिया शिक्षा को हिंदी भाषी समाज तक पहुंचाना है। मुरारी केडिया ने इन पुस्तिकाओं का लेखन किया है।
पुस्तिकाओं के लेखन की प्रेरणा देने के साथ-साथ इनके मुद्रण, प्रकाशन एवं निःशुल्क वितरण की पूरी जिम्मेदारी गुवाहाटी स्थित वाणी मंदिर पुस्तक-प्रतिष्ठान के संचालक श्री उत्पल हजारिका ने उठाई है। इस पूरे कार्य का भार उन्होंने अपने कंधों पर लेते हुए पुस्तिकाओं को अधिक से अधिक श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
मुरारी केडिया ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में स्थित नामघरों के भक्तों तक भी इन पुस्तिकाओं को पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहल को गुरुजनों और श्रद्धालुओं का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
इस अवसर पर नामघर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव और गुरु माधवदेव की शिक्षाओं को हिंदी भाषा के माध्यम से व्यापक समाज तक पहुंचाने के इस प्रयास की सराहना की।
— मुरारी केडिया, डिब्रूगढ़, असम