गुरूचरण विश्वविद्यालय और निरामय-स्कूल ऑफ योग एजुकेशन के बीच समझौता
शिलचर, 22 सितंबर। समाज के विभिन्न वर्गों तक योग शिक्षा को पहुंचाने तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों को योग के माध्यम से शारीरिक, मानसिक और कौशल विकास का अवसर प्रदान करने की दिशा में गुरूचरण विश्वविद्यालय, शिलचर ने महत्वपूर्ण पहल की है। इस उद्देश्य से विश्वविद्यालय ने आयुष मंत्रालय के योग बोर्ड से मान्यता प्राप्त निरामय-स्कूल ऑफ योग एजुकेशन, शिलचर के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के स्किल डेवलपमेंट सेंटर के तत्वावधान में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरूचरण विश्वविद्यालय की ओर से रजिस्ट्रार डॉ. विद्युत कांति पाल ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए, जबकि निरामय की ओर से वरिष्ठ ट्रस्टी एवं गवर्निंग काउंसिल सदस्य डॉ. अनूप कुमार दे ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया।
कार्यक्रम में गुरूचरण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. निरंजन राय, असम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. दिलीप चंद्र नाथ, विश्वविद्यालय के अकादमिक रजिस्ट्रार डॉ. अभिजीत नाथ, निरामय-स्कूल ऑफ योग एजुकेशन की निदेशक शताक्षी भट्टाचार्य, स्किल डेवलपमेंट सेंटर के निदेशक डॉ. सुभाष देवनाथ, निरामय के लिगेसी पर्सन एवं मुख्य संयोजक योगाचार्य राहुल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अकादमिक रजिस्ट्रार डॉ. अभिजीत नाथ ने कहा कि वर्तमान समय में योग केवल शरीर और मन को स्वस्थ रखने की प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार और कौशल विकास का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। योग शिक्षा के माध्यम से युवा अपने लिए नए करियर अवसर भी तलाश सकते हैं। इन्हीं पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने निरामय के साथ मिलकर योग शिक्षा के प्रचार-प्रसार का निर्णय लिया है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के साथ-साथ भविष्य में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को भी योग शिक्षा का लाभ मिलेगा।
निरामय की निदेशक शताक्षी भट्टाचार्य और लिगेसी पर्सन एवं मुख्य संयोजक योगाचार्य राहुल ने संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न योग पाठ्यक्रमों तथा योग शिक्षा से संबंधित कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी।
गुरूचरण विश्वविद्यालय के स्किल डेवलपमेंट सेंटर के निदेशक डॉ. सुभाष देवनाथ ने कहा कि योग शिक्षा स्वयं में एक महत्वपूर्ण कौशल विकास का क्षेत्र है। वहीं, योग का नियमित अभ्यास व्यक्ति को अन्य क्षेत्रों में भी दक्षता हासिल करने में सहायक होता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है और अब विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को योग को अपनी शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास का हिस्सा बनाने का अवसर मिलेगा।
विश्वविद्यालय और निरामय के बीच हुए इस समझौते को शिलचर में योग शिक्षा के विस्तार तथा युवाओं के कौशल एवं व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।