डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन के तहत मार्घेरिटा में निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

मार्घेरिटा: स्थानीय युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने और टिकाऊ आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (डीएमएफ) ट्रस्ट के तहत निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को मार्घेरिटा में शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम की निगरानी असम स्किल डेवलपमेंट मिशन (एएसडीएम) द्वारा की जा रही है, जबकि इसका क्रियान्वयन आईटीआई मार्घेरिटा के माध्यम से किया जा रहा है। तिनसुकिया के जिला आयुक्त सुमित सत्तावन, आईएएस ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मार्घेरिटा की सह-जिला आयुक्त के. एन. चंदना जाह्नवी, आईएएस के अलावा एएसडीएम के अधिकारी तथा जिला परियोजना प्रबंधन (डीपीएम) टीम के सदस्य उपस्थित थे।

प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए जिला आयुक्त ने दीर्घकालिक आजीविका की स्थिरता सुनिश्चित करने में कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ उचित वित्तीय योजना की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला और प्रशिक्षुओं से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

जिला आयुक्त ने सभी नामांकित प्रशिक्षुओं के लिए संचालित किए जा रहे उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) में भी सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया।

प्रशिक्षुओं से बातचीत करते हुए सह-जिला आयुक्त के. एन. चंदना जाह्नवी ने उन्हें समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों को पूरा करने और प्रशिक्षण सुविधाओं का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मार्घेरिटा के कोयला संसाधनों से प्राप्त डीएमएफ निधि से निर्मित आईटीआई भवन “उनकी अपनी भूमि का उपहार” है और प्रशिक्षुओं से इस सुविधा का सर्वोत्तम उपयोग करने का आग्रह किया।

उन्होंने निरंतर सीखने, नियमित उपस्थिति और मूल्यांकन, समय रहते करियर की योजना बनाने तथा उद्यमिता के महत्व पर भी जोर दिया। प्रशिक्षुओं को पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद रोजगार, अप्रेंटिसशिप तथा स्वरोजगार के अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

इस कार्यक्रम में कुल एक सौ अस्सी प्रशिक्षुओं का नामांकन किया गया है। इसके तहत एलएमवी चालक, फील्ड टेक्नीशियन–कंप्यूटिंग एवं पेरिफेरल्स, सिलाई मशीन ऑपरेटर, मशरूम उत्पादक और ब्यूटीशियन जैसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षुओं को निःशुल्क प्रमाणपत्र, अध्ययन सामग्री और यूनिफॉर्म भी प्रदान किए जाएंगे। सभी नामांकित प्रशिक्षुओं के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है, जिसमें उद्यमिता, वित्तीय योजना और टिकाऊ आजीविका के अवसरों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इस पहल का उद्देश्य डीएमएफ के सहयोग से कौशल विकास को मजबूत करना, स्थानीय युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार करना तथा उनके लिए टिकाऊ आजीविका के अवसर पैदा करना है।

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