शिवसागर: दिल्ली से आए एक प्रतिनिधिमंडल ने शिवसागर जिले के बाढ़ प्रभावित नेपाली खूटी क्षेत्र का दौरा कर हाल में आई बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया और स्थानीय लोगों की समस्याओं की जानकारी ली।
दिखो नदी के किनारे स्थित डेयरी पशुपालन के लिए प्रसिद्ध नेपाली खूटी गांव जुलाई में आई बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ था। बाढ़ के पानी ने गांव को जलमग्न कर दिया था। इस दौरान कई घर क्षतिग्रस्त हो गए या बह गए, जबकि पशुधन और कृषि संसाधनों को भी भारी नुकसान पहुंचा।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित परिवारों से बातचीत की तथा क्षतिग्रस्त मकानों, पशुपालन आधारित आजीविका और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। प्रतिनिधिमंडल ने उन परिवारों की पुनर्वास संबंधी जरूरतों पर भी जानकारी ली, जो बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी विभिन्न कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
बाढ़ के कारण गांव में बड़ी मात्रा में कीचड़ और गाद जमा हो गई है। इसके चलते कई परिवार अपने घरों के पुनर्निर्माण के लिए सहायता की प्रतीक्षा करते हुए अस्थायी आश्रयों में रहने को मजबूर हैं। राहत संगठनों और स्थानीय स्वयंसेवकों द्वारा भी प्रभावित लोगों को अस्थायी आश्रय, स्वच्छता सुविधाएं, भोजन पकाने की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने में सहायता की जा रही है।
इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे. पी. नड्डा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के साथ बिहुबोर नेपाली खूटी का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार की ओर से लगातार सहायता का आश्वासन दिया था।
नवीनतम दौरा ऐसे समय में हुआ है जब नेपाली खूटी के निवासी बाढ़ से तबाह हुए अपने घरों और आजीविका को फिर से खड़ा करने के प्रयास में जुटे हैं। हाल की बाढ़ को क्षेत्र में आए सबसे विनाशकारी बाढ़ के दौरों में से एक बताया जा रहा है।