एकल-उपयोग प्लास्टिक के खिलाफ डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम

डिब्रूगढ़: राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वच्छता कार्य योजना के तहत डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के बिष्णुप्रसाद राभा सभागार में एकल-उपयोग प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के एनएसएस स्नातकोत्तर इकाई ने गुवाहाटी स्थित एनएसएस के क्षेत्रीय निदेशालय के सहयोग से किया।

कार्यक्रम का संचालन एनएसएस स्नातकोत्तर इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. जीतू बोरा ने किया। डॉ. हिमाद्रि बरमन ने एकल-उपयोग प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों तथा टिकाऊ जीवनशैली अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला।

डॉ. मनोज दत्ता ने सामाजिक बदलाव लाने में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया, जबकि डॉ. उज्जल सैकिया ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग २०२६ और युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने में इसके महत्व के बारे में जानकारी दी।

जागरूकता सत्र के बाद डॉ. जीतू बोरा के नेतृत्व में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के तहत आयोजित होने वाली क्विज प्रतियोगिता के प्रचार-प्रसार के लिए अभियान चलाया गया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान भी आयोजित किया गया।

स्वच्छता अभियान में लगभग १५० एनएसएस स्वयंसेवकों ने भाग लिया। स्वयंसेवकों ने विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न हिस्सों से प्लास्टिक तथा अन्य प्रकार के कचरे को एकत्र किया। इस पहल का उद्देश्य स्वच्छता को बढ़ावा देना, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना तथा छात्रों के बीच एकल-उपयोग प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

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