अगरवुड कौशल प्रशिक्षण केंद्र से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

गोलाघाट: पारंपरिक उद्योगों को मजबूत करने तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल के तहत उच्चस्तरीय सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने गोलाघाट के तापनगर स्थित इंद्राणी गेस्ट हाउस में संचालित अगरवुड कौशल प्रशिक्षण केंद्र का दौरा किया।

प्रतिनिधिमंडल में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडोनर) के संयुक्त सचिव अंशुमान डे और राज्य मंत्रिमंडल के मंत्री अतुल बोरा शामिल थे। इस अवसर पर उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम लिमिटेड (नेरामैक) के प्रतिनिधि शंकर नाथ, नेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मर्स प्रोक्योरमेंट, प्रोसेसिंग एंड रिटेलिंग कोऑपरेटिव्स ऑफ इंडिया लिमिटेड (नैकोफ) के रोहित जैन तथा वर्षा वन अनुसंधान संस्थान (आरएफआरआई) के शत्यम बरदोलोई भी उपस्थित थे।

दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र में चल रहे व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्रों का अवलोकन किया। केंद्र में विद्यार्थियों को अगरवुड प्रसंस्करण के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें अगरवुड चिप काटना, टीकाकरण तथा आसवन जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं।

अधिकारियों ने केंद्र के सुव्यवस्थित पाठ्यक्रम, आधुनिक तकनीकों और समर्पित आधारभूत संरचना की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा जटिल वैज्ञानिक प्रक्रियाओं को सटीकता के साथ पूरा करने की क्षमता की भी प्रशंसा की।

इस अवसर पर मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को तकनीकी विशेषज्ञता से लैस करने से असम के अगरवुड क्षेत्र की व्यावसायिक और औद्योगिक क्षमता को विकसित करने में मदद मिलेगी।

संयुक्त सचिव अंशुमान डे ने भी केंद्र में दिए जा रहे प्रशिक्षण और उपलब्ध आधारभूत संरचना की सराहना की। उन्होंने कहा कि अगरवुड उद्योग में पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि को गति देने की अपार क्षमता है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केंद्र कुशल स्थानीय कार्यबल तैयार कर एक अनुकरणीय मानक स्थापित कर रहा है।

नेरामैक, नैकोफ और आरएफआरआई के प्रतिनिधियों की भागीदारी ने अगरवुड की पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के लिए किए जा रहे सहयोगात्मक प्रयासों को रेखांकित किया। इन प्रयासों में वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी प्रशिक्षण से लेकर बाजार से जोड़ने तक की गतिविधियां शामिल हैं।

स्थानीय उद्यमियों और निवासियों ने उम्मीद जताई कि उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे से गोलाघाट को उभरते हुए अगरवुड केंद्र के रूप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पहचान मिलेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि बेहतर बाजार संपर्क से स्थानीय उत्पादकों, उद्यमियों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे तथा इस क्षेत्र के सतत विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

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