विभिन्न समुदायों के विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की अपनी संस्कृति की झलक, कवियों को उत्तरीय व प्रतीक चिह्न देकर किया गया सम्मानित
शिव कुमार व यशवंत पांडेय, शिलचर, 14 सितंबर:
काछाड़ जिले के पैलापूल स्थित नेहरू महाविद्यालय में सोमवार को आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के सहयोग से हिंदी दिवस बड़े ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जहां विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी परंपरा और संस्कृति की झलक पेश की, वहीं पहली बार आयोजित किए गए विशेष कवि सम्मेलन ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के गुरुजनों एवं शिक्षक मंडली द्वारा विधिवत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी तथा आमंत्रित अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार एवं विशिष्ट कवि दिलीप कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। हर वर्ष 14 सितंबर को महाविद्यालय में हिंदी दिवस का आयोजन किया जाता है, लेकिन इस बार कार्यक्रम को कुछ अलग अंदाज में आयोजित किया गया। महाविद्यालय प्रशासन की ओर से इस वर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ कवि सम्मेलन का आयोजन कर विद्यार्थियों को साहित्य और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय में अध्ययनरत विभिन्न समुदायों के विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी संस्कृति और लोक परंपराओं को मंच पर जीवंत कर दिया। मणिपुरी समुदाय के विद्यार्थियों ने मणिपुरी शास्त्रीय नृत्य, जबकि भोजपुरी समाज के विद्यार्थियों ने छठ पूजा पर आधारित मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं दिमासा समुदाय के विद्यार्थियों ने लोक नृत्य के माध्यम से अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की।इसके अलावा विद्यार्थियों की ओर से राष्ट्रीय गीत और भजन की भी प्रस्तुति दी गई। अलग-अलग समुदायों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में एकता और विविधता का सुंदर संदेश दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विशेष कवि सम्मेलन रहा। सम्मेलन में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. एल. भारती सिंह, बांग्ला विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मेघमाला दे, सह अध्यापिका ममता चक्रवर्ती, मणिपुरी विभाग की सह अध्यापिका एस. मरीना सिन्हा, हाइलाकांदी से डौली शाह, कमला थापा, सनी भट्टाचार्य सहित अन्य कवियों एवं हिंदी विभाग के प्राध्यापकों ने अपनी रचनाओं का काव्य पाठ किया।
कवियों की रचनाओं ने उपस्थित विद्यार्थियों और अतिथियों को साहित्य की दुनिया से जोड़ा। कविता, संस्कृति और हिंदी भाषा के प्रति प्रेम का संदेश देते हुए कवियों ने अपनी-अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। कवि सम्मेलन का संचालन वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार दिलीप कुमार ने किया।
इस अवसर पर हाइलाकांदी से पहुंचीं कवयित्री डौली शाह की पुस्तक ‘भावनाओं का बाजार’ का विधिवत विमोचन भी किया गया। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण रहा। कार्यक्रम के दौरान सभी आमंत्रित कवियों को महाविद्यालय की ओर से उत्तरीय एवं प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। वरिष्ठ पत्रकार एवं विशिष्ट कवि दिलीप कुमार, डॉ. एल. भारती सिंह, डॉ. मेघमाला दे, ममता चक्रवर्ती, डौली शाह, कमला थापा, सनी भट्टाचार्य, जयदीप धोबी सहित उपस्थित कवियों एवं साहित्य प्रेमियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को गरिमामय बना दिया। कार्यक्रम का संचालन सनी भट्टाचार्य ने किया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को सहज और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में विद्यार्थियों ने छठ पूजा पर आधारित विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। इसके बाद समापन भाषण और जातीय संगीत के साथ हिंदी दिवस समारोह का समापन हुआ। नेहरू महाविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने हिंदी भाषा के साथ-साथ क्षेत्र की बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक विरासत को भी एक मंच पर लाने का काम किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और कवि सम्मेलन के माध्यम से यह संदेश भी सामने आया कि भाषा और संस्कृति लोगों को जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।